BJP का नया डिजिटल दांव! कार्यकर्ताओं की रील शेयर करेंगे CM योगी, Gen-Z को साधने के लिए बदलेगा चुनावी प्रचार का अंदाज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने युवाओं, खासकर जेन-जी तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया अभियान को नए तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान में पहली बार रील बनाने पर खास जोर दिया गया है। पार्टी के हर शक्ति केंद्र को 10 रील तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें सरकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले लोगों की कहानियां शामिल होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनिंदा रील साझा करेंगे।
27 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्रों को मिला रील का लक्ष्य
प्रदेश में भाजपा के 27 हजार से अधिक शक्ति केंद्र हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र को 10 रील बनाने का लक्ष्य दिया गया है। कार्यकर्ता लाभार्थियों से सीधे संपर्क कर छोटे वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। इन वीडियो में लाभार्थी का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और उससे हुए बदलाव की जानकारी शामिल की जाएगी। इसके बाद 60 सेकंड तक की रील तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाएगा।
25 हजार लाभार्थियों की कहानियां होंगी शॉर्टलिस्ट
भाजपा राज्य और जिला स्तर पर डिजिटल डाटा बैंक तैयार करने जा रही है। इस डाटा बैंक में जुटाई गई लाभार्थियों की कहानियों में से 25 हजार वीडियो को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। पार्टी की योजना इन कहानियों को सोशल मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की है। अभियान के लिए राज्य और जिला स्तर पर प्रभारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
मंत्रियों से रोज दो कहानियां साझा करने की उम्मीद
पार्टी ने इस अभियान में मंत्रियों की भूमिका भी तय की है। हर मंत्री से रोजाना कम से कम दो लाभार्थियों की कहानियां साझा करने की अपेक्षा की गई है। वहीं मुख्यमंत्री के साथ नियमित रूप से दो से पांच मिनट का संकलन साझा किया जाएगा। इसके आधार पर चुनिंदा रील को आगे प्रचारित किया जाएगा।
युवाओं तक सरकार की योजनाओं का संदेश पहुंचाने की रणनीति
भाजपा अब चुनावी प्रचार को सिर्फ सभाओं और रैलियों तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी की कोशिश है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभ पाने वाले लोगों के अनुभव को छोटे और आकर्षक वीडियो के जरिए युवाओं तक पहुंचाया जाए। हाल में सेवा संकल्प अभियान को लेकर हुई कार्यशाला में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सोशल मीडिया की रणनीति के बारे में जानकारी दी गई थी। उन्हें विपक्ष के मुद्दों और उसके नैरेटिव का जवाब तथ्यों और सरकार की उपलब्धियों के जरिए देने के तरीके भी बताए गए।
युवाओं के आंदोलनों के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ा फोकस
जेन-जी के हालिया आंदोलनों ने राजनीतिक दलों को युवाओं के बीच अपनी पहुंच और प्रचार के तौर-तरीकों पर नए सिरे से विचार करने के लिए मजबूर किया है। युवाओं के बीच रील और छोटे वीडियो की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने महीने भर चलने वाले सेवा संकल्प अभियान में रील को प्रमुख माध्यम बनाने का फैसला किया है।
पीएम मोदी भी रील के जरिए युवाओं से बना चुके हैं जुड़ाव
इससे पहले जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक रील साझा की थी। उन्होंने मंत्रियों को इंस्टाग्राम पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने और रील के जरिए युवाओं से जुड़ने की सलाह दी थी। मंत्रियों से सरकार के कामकाज की जानकारी साझा करने के साथ इंटरैक्टिव और आकर्षक सामग्री तैयार करने पर भी जोर दिया गया था।





