केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सिया के भाई को पहले से था अफेयर का पता, पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली बातें
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के लोनावला स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले से 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। पुलिस पहले ही इस मामले को सुनियोजित हत्या करार देते हुए मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच के दौरान सिया के भाई साहिल गोयल से हुई लंबी पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसे अपनी बहन और चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी कई महीने पहले ही हो गई थी।
भाई ने दी थी रिश्ता खत्म करने की सलाह
पूछताछ में साहिल ने बताया कि सिया की सगाई केतन अग्रवाल से होने के बाद उसने अपनी बहन को चेतन से दूरी बनाने और संबंध समाप्त करने की सलाह दी थी। पुलिस के मुताबिक, साहिल और चेतन की दोस्ती वर्ष 2024 में क्रिकेट खेलने के दौरान हुई थी। इसी परिचय के माध्यम से चेतन की मुलाकात सिया से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस रिश्ते की जानकारी थी या नहीं।
जांच में सामने आई हत्या की कथित वजह
पुलिस जांच में जो वजह सामने आई है, उसने पूरे मामले को और अधिक सनसनीखेज बना दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सगाई के बाद सिया को पता चला कि केतन अग्रवाल गंजेपन की समस्या से जूझ रहे थे और सिर पर विग या हेयर पैच का इस्तेमाल करते थे।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर सिया शादी नहीं करना चाहती थी। हालांकि, केतन के परिवार का दावा है कि उन्होंने सगाई के समय ही गोयल परिवार को स्पष्ट रूप से जानकारी दे दी थी कि केतन हेयर पैच का उपयोग करते हैं और उनका उपचार भी चल रहा है।
परिवार का आरोप है कि इसी विवाद के बाद सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
सबूत मिटाने की भी हुई कोशिश
लोनावला डिविजन के पुलिस उपाधीक्षक गजानन टोनपे के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने फोन के रीसायकल बिन को भी खाली कर दिया ताकि कोई डिजिटल सबूत शेष न रहे।
पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बयानों में विरोधाभास सामने आ रहा है और दोनों एक-दूसरे पर हत्या की जिम्मेदारी डालने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य जांच का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिया त्वरित न्याय का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी सक्रिय हो गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में मृतक के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात कर परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए आत्ममंथन का विषय भी है। उन्होंने कहा कि यह समझने की आवश्यकता है कि शिक्षित और अच्छे परिवारों से आने वाले युवाओं में इस प्रकार की आपराधिक मानसिकता और प्रतिशोध की भावना क्यों विकसित हो रही है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा
राज्य सरकार ने इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को मंजूरी दे दी है, ताकि मुकदमे का जल्द निपटारा हो सके और दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके।
इसके साथ ही पीड़ित परिवार की मांग पर देश के वरिष्ठ और चर्चित सरकारी वकील एडवोकेट उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने केस की पैरवी के लिए अपनी लिखित सहमति भी दे दी है।





