EPFO का बड़ा फैसला: अब घर बैठे ठीक करें PF खाते की गड़बड़ी, गलत Member ID हटाना हुआ आसान
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम सुविधा शुरू की है। अब पीएफ खाते में होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों को ठीक कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जुड़ी गलत मेंबर आईडी को घर बैठे ऑनलाइन हटा सकेंगे, जिससे लंबे समय से चली आ रही परेशानियों का समाधान हो सकेगा।
गलत Member ID से मिल रही थी बड़ी परेशानी
अक्सर नौकरी बदलने के दौरान कर्मचारियों का पीएफ फंड एक कंपनी से दूसरी कंपनी में ट्रांसफर किया जाता है। इस प्रक्रिया में कई बार तकनीकी खामियों या नियोक्ता की गलती से यूएएन में गलत पीएफ खाता संख्या जुड़ जाती थी। कई मामलों में एक ही कर्मचारी की दो अलग-अलग आईडी दिखाई देती थीं या किसी अन्य व्यक्ति की आईडी जुड़ जाती थी। इससे पीएफ निकासी, पेंशन क्लेम और फंड ट्रांसफर में दिक्कतें आती थीं। अब इस समस्या का समाधान पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है।
अब जमा रकम वाले खाते भी कर सकेंगे ठीक
नई सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब उन मेंबर आईडी को भी हटाया जा सकेगा, जिनमें गलती से कंपनी द्वारा पैसा जमा कर दिया गया हो। पहले यह सुविधा सिर्फ उन खातों के लिए थी, जिनमें कोई राशि जमा नहीं हुई थी। अब यदि किसी गलत आईडी में पैसे भी जमा हो चुके हैं, तब भी कर्मचारी उसे हटाने के लिए ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं।
ऑनलाइन ऐसे करें सुधार की प्रक्रिया
सबसे पहले कर्मचारी को EPFO के मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करना होगा और वहां से गलत मेंबर आईडी हटाने के लिए अनुरोध दर्ज करना होगा। यह अनुरोध सीधे संबंधित नियोक्ता के पास जाएगा। यदि नियोक्ता इसे मंजूरी दे देता है, तो आईडी तुरंत हटा दी जाएगी। वहीं अगर दो सप्ताह तक कोई जवाब नहीं आता या उस आईडी में 2 से 6 बार तक अंशदान जमा हुआ है, तो मामला क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिया जाएगा, जहां जांच के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इन शर्तों का रखना होगा ध्यान
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी का मोबाइल नंबर और आधार कार्ड यूएएन से लिंक होना जरूरी है। यदि किसी मेंबर आईडी में 6 से ज्यादा बार अंशदान जमा हुआ है, तो उसे ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकेगा। इसके अलावा अगर उस आईडी पर पहले से कोई क्लेम लंबित है या निपटाया जा चुका है, तो ऐसे मामलों में अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।



