कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ में बड़ा फैसला, 12 अगस्त तक सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द; मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक

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मेरठ: कांवड़ यात्रा की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेरठ जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने 12 अगस्त तक जिले के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान सभी विभाग पूरी तरह सक्रिय रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिकारी उपलब्ध रहेंगे।

विशेष परिस्थिति में ही मिलेगी अवकाश की अनुमति

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही राजपत्रित अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से अनुमति लेकर जिला अधिकारी कार्यालय को सूचित करना होगा। अन्य कर्मचारियों को भी अवकाश या मुख्यालय छोड़ने से पहले अपने विभागाध्यक्ष की अनुमति लेकर इसकी जानकारी जिला अधिकारी कार्यालय को देनी होगी।

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लिया गया फैसला

यह निर्णय गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान लिया गया। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, जिला क्षय रोग अधिकारी, एसीएमओ, एमओआईसी और सीडीपीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एम्बुलेंस और चिकित्सा शिविर पूरी तरह रहेंगे सक्रिय

प्रशासन ने जिले की सभी एम्बुलेंस को पूरी तरह संचालित रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कांवड़ मार्गों पर चिकित्सा शिविर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गों पर चिकित्सा शिविरों, अस्पतालों और एम्बुलेंस संबंधी जानकारी वाले सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 

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