सेहत का मजबूत कवच बनेंगे ये पोषक तत्व, डाइट में आज ही शामिल करें ये चीजें, कई बीमारियों का खतरा होगा कम

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नई दिल्ली: स्वस्थ और फिट रहने के लिए संतुलित आहार सबसे बड़ी जरूरत है। शरीर के अलग-अलग अंगों के बेहतर कामकाज के लिए विभिन्न प्रकार के विटामिन, खनिज और एमिनो एसिड की आवश्यकता होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने, हड्डियों को मजबूती देने, मांसपेशियों के विकास और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में ये सभी पोषक तत्व अहम भूमिका निभाते हैं।

अगर शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो जाए तो कई प्रकार की दीर्घकालिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है, जिससे व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ सकता है और शरीर में कमजोरी व ऊर्जा की कमी महसूस होने लगती है। ऐसे में संतुलित और पोषक आहार के जरिए इन तत्वों की पूर्ति करना जरूरी माना जाता है।

स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी विटामिन

विटामिन ई: विटामिन ई त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शरीर में एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है और हृदय की धमनियों में रक्त के थक्के बनने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। बढ़ती उम्र के प्रभाव को धीमा करने में भी इसकी भूमिका मानी जाती है। बादाम, मूंगफली, पालक, शिमला मिर्च और आम इसके अच्छे प्राकृतिक स्रोत हैं।

विटामिन के: शरीर की ताकत बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में विटामिन के महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हृदय और फेफड़ों की मांसपेशियों के लचीलेपन को बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है। ब्रोकली, केला, एवोकाडो, मेवे, अंडा और बेरीज इसके प्रमुख स्रोत हैं।

जरूरी खनिज जो शरीर को रखें मजबूत

आयरन: आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण, रक्त की कमी दूर करने और कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए आवश्यक खनिज है। आयरन की कमी होने पर एनीमिया जैसी समस्या हो सकती है। पालक, चुकंदर, अनार, सेब, पिस्ता, आंवला, सूखे मेवे और हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

जिंक: रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने और संक्रमण से बचाव में जिंक की अहम भूमिका होती है। यह नई कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है। दूध, दही, पनीर, चना, दालें, कद्दू के बीज, तिल, मूंगफली, काजू, बादाम, अंडा, गेहूं और चावल में जिंक पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

मैग्नीशियम: मैग्नीशियम रक्तचाप को नियंत्रित रखने, हड्डियों को मजबूत बनाने और तंत्रिका तंत्र के बेहतर संचालन के लिए आवश्यक माना जाता है। यह मधुमेह को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है। मूंगफली, सोया दूध, काजू, बादाम, पालक, ब्राउन राइस, सैल्मन मछली और चिकन इसके प्रमुख स्रोत हैं।

प्राकृतिक हर्बल तत्व भी हैं फायदेमंद

जिनसेंग: जिनसेंग की जड़ों का उपयोग लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जाता रहा है। इसकी चाय पाचन सुधारने, नींद संबंधी समस्याओं को कम करने, वजन नियंत्रित करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।

एलोवेरा: एलोवेरा में विटामिन ए, सी और ई सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। यह त्वचा और बालों की देखभाल के साथ-साथ रक्त संचार बेहतर बनाने और सूजन कम करने में भी मददगार माना जाता है। एलोवेरा का सेवन पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी बताया जाता है।

तुलसी: आयुर्वेद में तुलसी का विशेष महत्व है। इसके पत्तों और बीजों का उपयोग कई घरेलू उपचारों में किया जाता है। तुलसी सर्दी-खांसी से राहत देने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक मानी जाती है।

एमिनो एसिड की कमी न होने दें

एमिनो एसिड शरीर में संग्रहित नहीं होता, इसलिए इसकी नियमित पूर्ति भोजन के माध्यम से करना जरूरी होता है। मांसपेशियों, कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अंडा, दालें, सोयाबीन, काजू, पालक, ब्राउन राइस, साबुत अनाज, ओट्स, चिकन, तिल, सूरजमुखी के बीज, पत्तागोभी और चिया सीड्स एमिनो एसिड के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

 

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