यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को बड़ी सौगात, बस किराए में मिलेगी छूट; विशेष बसों के संचालन के निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने रियायती किराये पर विशेष बसों के संचालन के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली दिक्कतों को कम करना और यात्रा को सुगम बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस भर्ती परीक्षा और आगामी जनभागीदारी कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
8 से 10 जून तक होगी भर्ती परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में संपन्न होगी।
इस भर्ती परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां भी व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, निगरानी व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया।
धूप में इंतजार नहीं करेंगे अभ्यर्थी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को धूप में खड़े रहने की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर पेयजल, छायादार इंतजाम, बैठने की व्यवस्था, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लाखों युवाओं का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा देकर लौटने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी व्यवस्थाओं से संतुष्ट होना चाहिए।
विशेष बसें चलेंगी, किराये में भी मिलेगी राहत
परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अपने गृह जनपद से दूसरे जिलों में जाकर परीक्षा देनी होगी। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को अंतर्जनपदीय विशेष बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही अभ्यर्थियों को रियायती किराये का लाभ देने की व्यवस्था करने को भी कहा गया है, ताकि यात्रा का आर्थिक बोझ कम हो सके और समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना आसान हो।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा को लेकर भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सरकार का उद्देश्य है कि अभ्यर्थियों के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम न फैले और परीक्षा शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो।
6 जून को होगा पूर्वाभ्यास
परीक्षा व्यवस्था की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री ने 6 जून को पूर्वाभ्यास कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत परीक्षा संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा।
सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ करें।
बिजली और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखने को कहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जबकि संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पूरे प्रदेश में कम से कम 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
उन्होंने अधिकारियों को पौधों की उपलब्धता, जियो टैगिंग और संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर होंगे जनसंवाद कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्योगपतियों, अधिवक्ताओं, युवा उद्यमियों और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल आयोजित करने तथा गांवों में रात्रि प्रवास करने के निर्देश भी दिए, ताकि स्थानीय समस्याओं को नजदीक से समझकर उनका समाधान किया जा सके।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस भर्ती परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और संवेदनशीलता के साथ संपन्न कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



