पूर्वी कांगो में खूनी हमला: ISIS से जुड़े विद्रोहियों ने 43 लोगों की ली जान, गांव में मची तबाही
अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों ने बड़े हमले को अंजाम देते हुए कम से कम 43 लोगों की हत्या कर दी। इस हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला बुधवार रात बाफवाकोआ गांव में हुआ, जहां आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।
ADF विद्रोहियों ने गांव में मचाई तबाही
जानकारी के अनुसार, अलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज के लड़ाकों ने इस हमले को अंजाम दिया। यह संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा हुआ माना जाता है और युगांडा सीमा के आसपास सक्रिय रहता है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने गांव में घुसकर घरों में आग लगा दी और लोगों को बेरहमी से निशाना बनाया। नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने बताया कि हमले के दौरान भारी तबाही मचाई गई।
कांगो की सेना ने अपने बयान में 43 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या 56 तक हो सकती है। कई लोग अब भी लापता हैं और कम से कम दो लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर है।
कई विद्रोही संगठनों से जूझ रहा है कांगो
पूर्वी कांगो लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता का केंद्र बना हुआ है। यहां सेना को अलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज समेत कई विद्रोही संगठनों से लगातार मुकाबला करना पड़ रहा है।
इनमें सबसे प्रमुख एम23 विद्रोही समूह है, जिसे रवांडा समर्थित माना जाता है। इस समूह ने पिछले साल पूर्वी कांगो के कई अहम इलाकों पर कब्जा कर लिया था।
सेना बोली—आम लोगों को बनाते हैं निशाना
पूर्वी कांगो में सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जूल्स न्गोंगो ने कहा कि ADF सीधे सेना से भिड़ने से बचता है और आम नागरिकों को निशाना बनाता है। इससे शांति स्थापित करने की कोशिशों को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
पिछले कुछ वर्षों में युगांडा सीमा के पास ADF के हमले तेजी से बढ़े हैं। पिछले साल भी इस संगठन ने एक हमले में 66 लोगों की हत्या कर दी थी और कई लोगों को बंधक बना लिया था।



