वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार, गौतम गंभीर ने बताया टीम का प्लान; बोले- मौका मिला तो लंबे समय तक मिलेगा
नई दिल्ली: वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया है। कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने अब तक छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाए हैं। हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। अब भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वैभव को लेकर टीम प्रबंधन की योजना स्पष्ट की है।
अभिषेक और संजू ने संभाली ओपनिंग की जिम्मेदारी
अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को पारी की शुरुआत के लिए उतारा। दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए अच्छा प्रदर्शन किया। तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने महज 37 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनके प्रदर्शन की बदौलत भारत ने अफगानिस्तान को 127 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम की।
गंभीर बोले- वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा
सीरीज के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी की स्थिति पर टीम प्रबंधन का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ इस मुद्दे पर बातचीत बिल्कुल स्पष्ट है और उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। टीम प्रबंधन उनकी प्रतिभा और क्षमता से परिचित है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव और लगातार प्रदर्शन का भी महत्व है।
लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता
गंभीर के मुताबिक जो खिलाड़ी पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे में फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को हटाकर वैभव को मौका देने की जल्दबाजी नहीं है।
इसका मतलब यह नहीं है कि टीम प्रबंधन वैभव को नजरअंदाज कर रहा है। टीम उन्हें सही समय पर मौका देने की योजना पर काम कर रही है।
मौका मिला तो सिर्फ एक-दो मैचों के लिए नहीं
गौतम गंभीर ने संकेत दिया कि जब वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी तो उन्हें केवल एक या दो मैचों का मौका नहीं दिया जाएगा। टीम प्रबंधन उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर देने की योजना में है। ऐसे में वैभव को मिलने वाला मौका लंबी अवधि का हो सकता है।
उम्र नहीं, प्रदर्शन और टीम की जरूरत अहम
गंभीर ने खिलाड़ियों के इंतजार को उम्र से जोड़ने से भी इनकार किया। उनका कहना है कि खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का, अगर उसे अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा। टीम में प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा जरूरी है, लेकिन हर खिलाड़ी को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।
टी20 वर्ल्ड कप वाले ओपनिंग संयोजन को फिर आजमाया
अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को लगातार मौका देने की एक वजह यह भी रही कि टीम प्रबंधन अफगानिस्तान सीरीज में उस ओपनिंग संयोजन को दोबारा आजमाना चाहता था, जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। गंभीर के मुताबिक केवल तीन-चार मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं है। अफगानिस्तान के खिलाफ दोनों बल्लेबाजों ने फिर अच्छा प्रदर्शन कर अपने चयन को सही साबित किया।
इंग्लैंड के खिलाफ किया था टी20 डेब्यू
वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है। टीम प्रबंधन उनकी प्रतिभा पर भरोसा करता है, लेकिन फिलहाल उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। जब मौका मिलेगा, तब उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाने की बात कही गई है।





