लद्दाख को मिली 5 बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात, PM मोदी ने किया उद्घाटन; एयरपोर्ट की क्षमता 35 लाख यात्रियों तक बढ़ेगी
पीएम मोदी ने परियोजनाओं से जुड़े इंजीनियरों, श्रमिकों, स्थानीय लोगों और सीमा सड़क संगठन (BRO) के कर्मियों की सराहना करते हुए लद्दाख के लोगों को बधाई दी।
लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे के नए यात्री टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल में लद्दाख की कठोर जलवायु को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सरकार के मुताबिक, यह भारत का पहला एयरपोर्ट टर्मिनल है, जहां जियोथर्मल हीटिंग तकनीक का उपयोग किया गया है। इसके साथ सौर ऊर्जा का भी इस्तेमाल किया गया है, ताकि आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ पर्यावरण का ध्यान रखा जा सके।
नए टर्मिनल के शुरू होने से हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख होने की उम्मीद है। इसके अलावा, उड़ानों की संख्या भी तीन गुना तक बढ़ सकती है। इससे लद्दाख में पर्यटन और आवाजाही को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
निम्मू-पदुम-दारचा सड़क से यात्रा का समय होगा कम
लद्दाख में जिन प्रमुख परियोजनाओं को लोगों को समर्पित किया गया, उनमें निम्मू-पदुम-दारचा सड़क भी शामिल है। सीमा सड़क संगठन ने इस सड़क का निर्माण किया है, जिस पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इस मार्ग से कुछ यात्राओं में लगने वाला समय लगभग 12 घंटे से घटकर करीब तीन घंटे हो सकता है। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ व्यापार और कारोबारी गतिविधियों को भी मदद मिलने की उम्मीद है।
सानोक हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना से बिजली व्यवस्था को मजबूती
प्रधानमंत्री ने सानोक हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख में बिजली आपूर्ति और ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इससे क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं के विस्तार और विकास परियोजनाओं को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
लद्दाख में उच्च शिक्षा और रिसर्च के नए अवसर
पीएम मोदी ने कहा कि लद्दाख के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और नई स्किल्स सीखने के अवसर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। लेह में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है।
इसके साथ ही आईआईटी जम्मू और आईआईएम जम्मू के सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने के प्रस्तावों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इन पहलों से उच्च शिक्षा, शोध और कौशल विकास के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे युवाओं को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
आइस हॉकी और विंटर स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने लद्दाख के युवाओं की खेल प्रतिभा का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने आइस हॉकी, विंटर स्पोर्ट्स और पर्वतारोहण में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि नई स्पोर्ट्स पॉलिसी के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर सकें।
लद्दाख के विकास को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल परिवहन और बिजली सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि लद्दाख में पर्यटन, शिक्षा, खेल और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है। बेहतर संपर्क व्यवस्था और आधुनिक बुनियादी ढांचे से स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।





