अतीक अहमद के कसारी-मसारी का नाम होगा कृष्णपुरी, योगी ने माफिया की जमीन पर 602 फ्लैटों का किया भूमि पूजन
191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनेंगे फ्लैट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9,811 वर्ग मीटर जमीन पर प्रस्तावित आवासीय परियोजना का मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से भूमि पूजन किया। इस परियोजना पर 191 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। योजना के तहत 602 फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनका उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर पद्म लोक आवासीय योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इस क्षेत्र को विकास की नई पहचान देने की बात कही।
‘माफिया की जगह मिट्टी में है’, योगी ने कही विकास की बात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि माफिया की जगह मिट्टी में है और अब यह इलाका माफियागिरी के बजाय विकास के लिए जाना जाएगा।
कसारी-मसारी को अतीक अहमद का प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता रहा है। सरकार की ओर से मुक्त कराई गई जमीन पर आवासीय परियोजना शुरू किए जाने को इलाके में विकास कार्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिजली पासी के नाम पर बनेगा आईटीआई
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बिजली पासी के नाम पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आईटीआई स्थापित किया जाएगा, जिससे युवाओं को तकनीकी और रोजगारपरक प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिल सकेगा।
सरकार की योजना के तहत आवासीय विकास के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पीएम आवास योजना के 556 लाभार्थियों को मिली चाबी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रयागराज के पीपलगांव में बनाए गए 556 आवासों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपीं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रयागराज विरासत और विकास की नई पहचान बना रहा है। कार्यक्रम में आवास उपलब्ध कराने और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कसारी-मसारी में नई पहचान बनाने की तैयारी
कसारी-मसारी में मुक्त कराई गई जमीन पर आवासीय परियोजना और आईटीआई की घोषणा के साथ इलाके के विकास पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, इस क्षेत्र को कृष्णपुरी नाम से पहचान देने की योजना है। हालांकि, नाम परिवर्तन और परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी आगे की औपचारिकताएं संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुसार पूरी की जाएंगी।





