पाकिस्तान में पुलिस चेकपॉइंट पर आत्मघाती हमला, घायलों को बचाने पहुंची एंबुलेंस पर भी फायरिंग; रेस्क्यूकर्मी की मौत
इस्लामाबाद: उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में शनिवार को सड़क किनारे बने एक पुलिस चेकपॉइंट को निशाना बनाकर आत्मघाती बम हमला किया गया। हमले के बाद पीड़ितों को अस्पताल ले जा रही एक एंबुलेंस पर बंदूकधारियों ने गोलीबारी कर दी। इस फायरिंग में एक बचावकर्मी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में हुआ। प्रांतीय आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता बिलाल फैजी ने बताया कि हमलावर विस्फोटकों से लदे वाहन के साथ चेकपॉइंट तक पहुंचा था। स्थानीय पुलिस प्रमुख सफदर बलोच के अनुसार, हमले में मारे गए और घायल हुए लोगों में ज्यादातर सुरक्षाकर्मी और राहगीर शामिल हैं।
धमाके के बाद एंबुलेंस पर हुई गोलीबारी
विस्फोट इतना जोरदार था कि पुलिस का बड़ा चेकपॉइंट पूरी तरह तबाह हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हमले के बाद गोलियां चलने की आवाज भी सुनी।
बिलाल फैजी के मुताबिक, इमरजेंसी टीमें जब घायलों और अन्य पीड़ितों को पास के अस्पताल ले जा रही थीं, उसी दौरान बंदूकधारियों ने एक एंबुलेंस को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में एक बचावकर्मी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए।
आत्मघाती हमले में मारे गए लोगों में दो महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल बताया गया है।
टीटीपी ने ली हमले की जिम्मेदारी
पाकिस्तानी तालिबान यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हथियारबंद समूहों की हिंसा में बढ़ोतरी हुई है। इनमें बड़ी संख्या में हमलों की जिम्मेदारी टीटीपी और प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है।
बलूच लिबरेशन आर्मी एक अलगाववादी संगठन है, जो मुख्य रूप से पाकिस्तान के पड़ोसी बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने की हमले की निंदा
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
राष्ट्रपति जरदारी ने आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाए जाने को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और आरोप लगाया कि यह संगठन विदेशी मदद से ऐसी घिनौनी और बर्बर घटनाओं को अंजाम दे रहा है।





