नवरात्रि की षष्ठी पर CM योगी की बधाई, बोले- बेटियों को मिल रहे आगे बढ़ने के अवसर; ‘पदक लाओ, पद पाओ’ से सीधी भर्ती

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां कात्यायनी को नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। खेल के क्षेत्र में ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना के तहत खिलाड़ियों को सीधी भर्ती का लाभ दिया जा रहा है।

2017 से पहले बेटियों के सपनों पर थीं बंदिशें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। बेटियों के सपनों पर पहरे थे, उनके हौसलों पर बंदिशें थीं और अवसरों की कमी के कारण प्रतिभाएं दम तोड़ने को मजबूर थीं।

योगी ने कहा कि उस समय खेल के मैदानों पर माफिया का कब्जा था और संसाधनों का अभाव था। बेटियों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के बजाय उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था।

‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों को सीधी भर्ती

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लाखों-करोड़ों रुपये के पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षा देने के लिए काम कर रही है। प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी देश और राज्य का गौरव बढ़ा रहा है।

पारुल चौधरी से दीप्ति शर्मा तक, खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान

योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों का उल्लेख किया। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया तथा कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

सुरक्षा और खेल सुविधाओं के विस्तार से बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। उनके मुताबिक, भय की जगह सुरक्षा, उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन और संसाधनों की कमी की जगह खेल सुविधाओं के विस्तार ने ली है।

उन्होंने बताया कि गांवों के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इन व्यवस्थाओं से बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का बेहतर आधार मिल रहा है।

 

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