उत्तर कोरिया को एक झटके में परमाणु हथियारों से मुक्त करना मुश्किल, ली जे-म्युंग ने बताया चरणबद्ध रास्ता

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नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को एक ही बार में पूरी तरह खत्म करना व्यावहारिक नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में वह उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों के मुद्दे पर चरणबद्ध और व्यावहारिक समाधान की वकालत करने की तैयारी में हैं। उनके प्रस्ताव में पहले परमाणु कार्यक्रम को रोकना, फिर उसकी क्षमता कम करना और अंत में हथियारों को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना शामिल है। ली के मुताबिक, दक्षिण कोरिया और अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ बिना पूर्व शर्त बातचीत के लिए तैयार हैं।

ली ने न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले दिए लिखित साक्षात्कार में एक चलती गाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी दिशा बदलने के लिए पहले उसे रोकना पड़ता है। इसी तर्क के आधार पर उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे के लिए रोकने, क्षमता घटाने और अंततः निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया को व्यावहारिक रास्ता बताया।

उत्तर कोरिया की बढ़ती परमाणु क्षमता बनी चुनौती

ली का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर कोरिया अपने मिसाइल और सैन्य कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने हाल में एक नए मिसाइल सिस्टम का परीक्षण भी किया है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति का कहना है कि उत्तर कोरिया की परमाणु और मिसाइल क्षमताएं जिस स्तर तक पहुंच चुकी हैं, उसे देखते हुए पूरी तरह परमाणु निरस्त्रीकरण होने तक इंतजार करना खतरे को और बढ़ा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने दावा किया था कि उत्तर कोरिया के पास 57 परमाणु हथियार हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञों के अनुमान में यह संख्या 100 से ज्यादा हो सकती है। इन अनुमानों में अंतर को देखते हुए उत्तर कोरिया के परमाणु भंडार की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है।

परमाणु कार्यक्रम रोकने के बदले प्रतिबंधों में राहत की बात

ली ने अमेरिका से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के बदले प्रतिबंधों में राहत देने की संभावना पर भी जोर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, उन्होंने मौजूदा प्रतिबंधों में कुछ ढील को उत्तर कोरिया की ओर से परमाणु हथियारों के विकास पर रोक के साथ जोड़ने की बात कही है। उनका तर्क है कि बातचीत में दोनों पक्षों की ओर से कदम उठाने से विश्वास कायम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, ली ने यह चिंता भी जताई कि चरणबद्ध प्रक्रिया में उत्तर कोरिया कुछ रियायतें हासिल करने के बाद पूरी तरह परमाणु हथियार छोड़ने से पीछे हट सकता है। इसलिए उन्होंने दक्षिण कोरिया, अमेरिका और उत्तर कोरिया के हितों को शामिल करने वाले मजबूत बातचीत ढांचे की जरूरत बताई।

कोरियाई युद्ध औपचारिक रूप से खत्म करने की बातचीत का प्रस्ताव

ली ने कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत का प्रस्ताव भी दोहराया। उनका कहना है कि युद्ध की समाप्ति से जुड़ी चर्चा उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमताओं को सीमित करने के रास्ते तलाशने का अवसर बन सकती है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति और सह-अस्तित्व की अपनी सोच रखेंगे।

अमेरिका के साथ सैन्य अभ्यास और रिश्तों पर भी बोले ली

ली ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच बड़े सैन्य अभ्यासों को कम करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले पर भी बात की। उन्होंने माना कि यह फैसला कुछ अचानक आया, लेकिन इसे अमेरिका की ओर से उत्तर कोरिया के प्रति दुश्मनी कम करने के संकेत के तौर पर भी देखा। उन्होंने दोनों देशों के बीच जहाज निर्माण क्षेत्र में सहयोग से मिलने वाले संभावित लाभ का भी उल्लेख किया।

ईरान-अमेरिका तनाव में सीधे शामिल नहीं होगा दक्षिण कोरिया

ली ने कहा कि दक्षिण कोरिया ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष में सीधे शामिल होने की योजना नहीं बना रहा है। हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए दक्षिण कोरिया अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभों को ज्यादा से ज्यादा देशों तक पहुंचाने की बात भी कही।

किम जोंग उन की बेटी की राजनीतिक भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर ली ने कहा कि इस समय इस बारे में कोई पक्का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

 

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