लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार का बड़ा प्रहार! यूपीभर में कोचिंग संस्थानों पर छापेमारी, कई बड़े सेंटर सील

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लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद योगी सरकार ने प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर सुरक्षा जांच अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटल, लाइब्रेरी और बहुमंजिला इमारतों की संयुक्त जांच कराई जा रही है। शुरुआती निरीक्षण में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, भवन मानकों और पंजीकरण से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद कई नामी कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है।

अलीगंज अग्निकांड के बाद सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत जिलाधिकारियों, विकास प्राधिकरण, पुलिस, अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त टीमों को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रयागराज में चर्चित कोचिंग संस्थान पर कार्रवाई

प्रयागराज में प्रशासन की कार्रवाई सबसे अधिक चर्चा में रही। सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल क्लासेज को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार जिस भवन में संस्थान संचालित हो रहा था, उसका उपयोग निर्धारित श्रेणी के अनुरूप नहीं पाया गया। आवश्यक स्वीकृतियों के अभाव में सीलिंग की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से पहले छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और भवन पर नोटिस चस्पा किया गया।

नोएडा में दो कोचिंग सेंटर तत्काल बंद

गौतमबुद्ध नगर प्रशासन की संयुक्त टीम ने नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां पाईं। सेक्टर-104 स्थित एक कोचिंग सेंटर में केवल एक संकरा प्रवेश और निकास मार्ग मिला, जबकि फायर एनओसी और पंजीकरण संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। वहीं सेक्टर-49 स्थित दूसरे कोचिंग संस्थान में आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं मिली। दोनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

कानपुर के काकादेव में सबसे बड़ी कार्रवाई

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रमुख केंद्र काकादेव में विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की टीमों ने व्यापक जांच की। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में बेसमेंट पार्किंग को क्लासरूम में परिवर्तित पाया गया। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर 30 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील किया गया। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

वाराणसी में बेसमेंट से मिला ज्वलनशील सामान

वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र में संयुक्त जांच के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों के बेसमेंट में डीजल, पेट्रोल, जनरेटर और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी मिली। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए कड़ी चेतावनी जारी की। एक प्रतिष्ठित संस्थान ऐसी इमारत में संचालित पाया गया जिसका मानचित्र स्वीकृत नहीं था, जिसके बाद भवन को सील करने के आदेश जारी किए गए।

गोरखपुर में फायर सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

गोरखपुर में निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में फायर अलार्म और अग्निशमन उपकरण मानकों के अनुरूप नहीं मिले। कुछ भवनों में केवल एक सीढ़ी होने जैसी गंभीर खामियां भी सामने आईं। अग्निशमन विभाग ने संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।

उन्नाव और मिर्जापुर में भी सख्त कार्रवाई

उन्नाव में तीन कोचिंग संस्थानों को सीज किया गया, जबकि मिर्जापुर में करीब एक दर्जन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा या पंजीकरण संबंधी कमियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

गाजियाबाद में 206 मामलों की पहचान

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने कोचिंग संस्थानों के साथ होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल और व्यावसायिक भवनों का भी निरीक्षण शुरू किया है। अब तक 206 ऐसे मामलों की पहचान की गई है जहां अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां मिली हैं। इनमें से 56 मामलों में सीलिंग और अन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बांदा में अस्पतालों पर भी चला निरीक्षण अभियान

बांदा में कमिश्नर के औचक निरीक्षण के दौरान कई निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरण केवल औपचारिकता के तौर पर लगे पाए गए। कई उपकरण काम नहीं कर रहे थे। अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

आगरा में टला बड़ा हादसा

आगरा के एक प्रमुख कोचिंग संस्थान में बेसमेंट से धुआं उठने के बाद अफरा-तफरी मच गई। हालांकि जांच में यह शॉर्ट सर्किट का मामला निकला और समय रहते छात्रों को बाहर निकाल लिया गया। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सुरक्षा व्यवस्था को संतोषजनक पाया गया।

सरकार का स्पष्ट संदेश, सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा है कि प्रदेशभर के कोचिंग संस्थानों का सर्वे कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम के तहत पंजीकरण नहीं कराने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का व्यापक ऑडिट किया जा रहा है ताकि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

 

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