हाई ब्लड प्रेशर मरीजों के लिए चेतावनी, ये एक्सरसाइज पड़ सकती है जानलेवा; डॉक्टरों ने दी सावधानी की सलाह
नई दिल्ली: हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मरीजों के लिए एक्सरसाइज फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार हर प्रकार की एक्सरसाइज सभी मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं होती। कुछ व्यायाम ऐसे होते हैं जो अचानक ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा सकते हैं और हृदय पर अत्यधिक दबाव डाल सकते हैं, जिससे गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि गलत प्रकार की या अत्यधिक तीव्रता वाली एक्सरसाइज हाई बीपी के मरीजों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है और कुछ मामलों में यह हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति का कारण भी बन सकती है।
इन एक्सरसाइज से हाई बीपी मरीज रहें दूर
विशेषज्ञों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को उन एक्सरसाइज से बचना चाहिए जिनमें कम समय में शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इनमें भारी वजन उठाने वाली वेट लिफ्टिंग, स्प्रिंटिंग, स्कूबा डाइविंग, स्काई डाइविंग और स्क्वैश जैसे हाई-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स शामिल हैं।
ऐसी गतिविधियों के दौरान शरीर में ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है, जो हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
एक्सरसाइज के दौरान लक्षण दिखें तो तुरंत रोकें अभ्यास
डॉक्टरों का कहना है कि यदि हाई बीपी का कोई मरीज एक्सरसाइज के दौरान चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान या उल्टी जैसी समस्या महसूस करे तो उसे तुरंत व्यायाम रोक देना चाहिए। ऐसी स्थिति में देरी करना जोखिम भरा हो सकता है और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
इन हल्की एक्सरसाइज को माना जाता है सुरक्षित
विशेषज्ञों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए कुछ हल्की और नियंत्रित एक्सरसाइज अधिक सुरक्षित मानी जाती हैं। इनमें वॉकिंग, हल्की जॉगिंग, कम गति वाली रस्सी कूद, एरोबिक्स और डांस जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
ये एक्सरसाइज शरीर को सक्रिय रखती हैं और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद करती हैं, बिना हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाले।
एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को एक्सरसाइज हमेशा धीरे-धीरे शुरू करनी चाहिए और शरीर की क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए। अत्यधिक तनाव या भारी व्यायाम से बचना जरूरी है। यदि ब्लड प्रेशर बढ़ता हुआ महसूस हो तो तुरंत एक्सरसाइज रोक देनी चाहिए।
साथ ही, व्यायाम की अवधि सीमित रखना और नियमित रूप से स्वास्थ्य की निगरानी करना भी आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके और सावधानी के साथ की गई एक्सरसाइज हाई बीपी मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।



