US-Iran Ceasefire: ईरान की चेतावनी पर ट्रंप का तीखा जवाब, बोले- ‘वे समझौते के लिए बेचैन, देखता हूं कब तक टिक पाते हैं’
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान की ओर से हाल ही में दी गई कड़ी चेतावनी के बाद ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और अब तेहरान समझौते के लिए “बेचैन” दिखाई दे रहा है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने स्पष्ट कहा कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की हर हाल में रक्षा करेगा। इससे पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि यदि उस पर दोबारा हमला हुआ तो उसका जवाब ऐसा होगा कि “दुश्मनों को हार्ट अटैक आ जाएगा।”
ट्रंप बोले- ईरान की सैन्य क्षमता बुरी तरह प्रभावित
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया सैन्य अभियान के बाद ईरान की नौसेना, वायु सेना और सैन्य उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के ड्रोन निर्माण केंद्र लगभग 82 प्रतिशत तक प्रभावित हो चुके हैं।
ट्रंप ने कहा, “मैं इसे युद्ध नहीं कहता, लेकिन ईरान हर हाल में समझौता करना चाहता है। उनकी सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और वे लगातार दबाव में हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और इसी वजह से तेहरान परमाणु बम हासिल नहीं कर सका।
‘देखते हैं वे कब तक टिकते हैं’
ईरानी शासन पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि यह एक “क्रूर समूह” है, जिसने हजारों लोगों की जान ली है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और अब दुनिया देखेगी कि वह इस स्थिति में कितने समय तक टिक पाता है।
ट्रंप ने कहा, “मैं किसी न किसी तरीके से उस देश को बचाने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन हमने उन्हें पूरी तरह कमजोर कर दिया है। अब देखना है कि वे कब तक टिक पाते हैं।”
ईरान ने फिर दी कड़ी चेतावनी
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल बड़े स्तर की सैन्य कार्रवाई थमी हुई है, लेकिन स्थायी सीजफायर को लेकर अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी है। दोनों देश अपने-अपने रुख पर कायम हैं, जिससे तनाव लगातार बना हुआ है।
तेहरान की ओर से हॉर्मुज से जुड़े प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं। इसी बीच ईरान ने एक बार फिर चेतावनी देते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसे नए हथियार मौजूद हैं, जिनसे दुश्मनों को “हार्ट अटैक” आ सकता है।
ईरान के इस बयान ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता और बढ़ा दी है।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी है टकराव
अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। वहीं ईरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह अपनी रक्षा क्षमताओं से कोई समझौता नहीं करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच जारी बयानबाजी आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है, खासकर तब जब तेल आपूर्ति और सामरिक समुद्री मार्गों को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है।



