UPTET 2026: 8 सवाल गलत, 4 के दो-दो जवाब सही; दशमलव से फेल अभ्यर्थियों ने लगाई गुहार, 60 हजार रिजेक्ट उम्मीदवारों की बढ़ी चिंता

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प्रयागराज। यूपीटीईटी 2026 के परिणाम के बाद परीक्षा की अंतिम उत्तरकुंजी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी अंतिम उत्तरकुंजी में आठ प्रश्नों को गलत मानते हुए ड्रॉप किया गया है, जबकि चार प्रश्नों में दो-दो विकल्प सही पाए गए हैं। इसी के साथ दशमलव अंक के कारण अनर्ह घोषित किए गए अभ्यर्थियों ने भी राहत देने की मांग उठाई है। वहीं, करीब 60 हजार अभ्यर्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रिजेक्ट होने के बाद आयोग कार्यालय पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे।

अंतिम उत्तरकुंजी में सामने आईं बड़ी गड़बड़ियां
दो से चार जुलाई के बीच आयोजित यूपीटीईटी 2026 के पांच प्रश्नपत्रों की अंतिम उत्तरकुंजी आयोग ने परिणाम के साथ जारी की है। इसमें आठ प्रश्नों के उत्तर के स्थान पर ‘ड्रॉप’ लिखा गया है। वहीं चार प्रश्नों के दो-दो विकल्पों को सही माना गया है। तीन पालियों में उच्च प्राथमिक और दो पालियों में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित हुई थी।
चार जुलाई की पहली पाली में हुई प्राथमिक स्तर की परीक्षा में कोई प्रश्न गलत नहीं पाया गया। इसके अलावा चारों पालियों के प्रश्नपत्रों में किसी न किसी प्रश्न को लेकर त्रुटि सामने आई है।

दो जुलाई की परीक्षा में भी प्रश्न हुए ड्रॉप
दो जुलाई को उच्च प्राथमिक स्तर की दोनों पालियों में परीक्षा हुई थी। पहली पाली में संस्कृत के प्रश्न संख्या 89 को ड्रॉप किया गया। दूसरी पाली में हिन्दी भाषा के प्रश्न संख्या 33 को गलत मानते हुए हटाया गया। इस प्रश्न में पूछा गया था कि ‘समानाधिकरण और व्याधिकरण किस व्यय के भेद हैं?’
तीन जुलाई को आयोजित परीक्षाओं में सबसे अधिक त्रुटियां सामने आईं। पहली पाली की उच्च प्राथमिक परीक्षा में संस्कृत के प्रश्न संख्या 88 और 89 तथा गणित के प्रश्न संख्या 101 को ड्रॉप किया गया।

चार प्रश्नों में दो-दो विकल्प सही
तीन जुलाई की पहली पाली में हिन्दी के प्रश्न संख्या 45 में दो विकल्प सही पाए गए। संस्कृत के प्रश्न संख्या 86 के भी दो उत्तर सही माने गए। इसी दिन दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के हिन्दी के प्रश्न संख्या 38, पर्यावरणीय अध्ययन के प्रश्न संख्या 146 और अंग्रेजी के प्रश्न संख्या 69 को गलत मानकर ड्रॉप किया गया।
इसी प्रश्नपत्र में हिन्दी के प्रश्न संख्या 36 और 37 के दो-दो विकल्प सही पाए गए। आयोग की अंतिम उत्तरकुंजी में इन सभी प्रश्नों को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है।

दशमलव से फेल अभ्यर्थियों को भी राहत का इंतजार
यूपीटीईटी में निर्धारित कटऑफ से दशमलव अंक कम होने के कारण अनर्ह घोषित अभ्यर्थियों ने अब उन्हें उत्तीर्ण घोषित करने की मांग उठाई है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार को इस संबंध में ज्ञापन भेजा है।
संगठन के अनुसार कई अभ्यर्थियों को 89.50 से 89.99 और 81.5 से 81.99 तक अंक मिले हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए 90 और आरक्षित वर्ग के लिए 82 अंक की आवश्यकता है। ऐसे में दशमलव में कुछ अंक कम होने के चलते इन अभ्यर्थियों को अनर्ह घोषित कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने भी आयोग कार्यालय पहुंचकर सचिव मनोज कुमार से मुलाकात की और परिणाम से जुड़ी त्रुटियों का जल्द समाधान करने की मांग की। सचिव ने आश्वासन दिया कि अभ्यर्थियों की मांगों को आयोग की बैठक में अध्यक्ष के सामने रखा जाएगा।

करीब 60 हजार अभ्यर्थियों का परिणाम रिजेक्ट
परिणाम जारी होने के बाद रिजेक्ट सूची में शामिल करीब 60 हजार अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग कार्यालय पहुंचे।
इनमें कई ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं जिनकी नौकरी पर परिणाम का असर पड़ सकता है। वहीं, आगामी प्राथमिक शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी भी रिजेक्ट सूची में शामिल हैं।

ओएमआर की छोटी गलती पर रिजल्ट रद्द करने का आरोप
अभ्यर्थियों का कहना है कि रोल नंबर, बुकलेट संख्या या अन्य विवरण ओएमआर शीट पर भरने में मामूली गलती होने के कारण उनके परिणाम रिजेक्ट किए गए हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि ऐसी ओएमआर शीट का मैन्युअल मूल्यांकन कराया जाए और छोटी-मोटी गलतियों के कारण उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित न किया जाए।
अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग की आगामी बैठक और उस पर होने वाले फैसले पर है। प्रश्नों की त्रुटि, दशमलव अंक और रिजेक्ट परिणामों को लेकर आयोग क्या निर्णय करता है, इससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है।

 

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