लगातार तीसरे दिन दबाव में शेयर बाजार, सेंसेक्स 300 अंक टूटा—Infosys, HCLTech और Cipla में भारी बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ी

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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का रुख लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी जारी रहा। हफ्ते के आखिरी सत्र की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। शुरुआती कारोबार में बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का दबाव
शुरुआती कारोबार में निफ्टी 83.75 अंक यानी 0.35 फीसदी की गिरावट के साथ 24,088 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं सेंसेक्स 312.44 अंक यानी 0.40 फीसदी टूटकर 77,325.24 पर पहुंच गया। लगातार तीसरे दिन गिरावट से बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है।

आईटी और फार्मा सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली
आज की गिरावट में सबसे बड़ा दबाव आईटी और फार्मा सेक्टर में देखने को मिला। दिग्गज कंपनियों में Infosys, HCL Technologies और Cipla के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों में बिकवाली बढ़ने से पूरे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।

ग्लोबल संकेतों और सेक्टर दबाव का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों में कमजोरी और सेक्टर-विशेष दबाव के चलते आईटी और फार्मा शेयरों पर असर देखने को मिल रहा है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।

कॉरपोरेट नतीजों पर टिकी निवेशकों की नजर
आज बाजार की दिशा काफी हद तक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। सबसे ज्यादा नजर Reliance Industries के नतीजों पर है, जो शाम को घोषित होंगे। इसके अलावा कई बड़ी कंपनियां भी अपने परिणाम जारी करेंगी, जिनमें श्रीराम फाइनेंस, इंडसइंड बैंक, अदानी ग्रीन एनर्जी, कैन फिन होम्स, चेन्नई पेट्रोलियम, डीसीबी बैंक, हिंदुस्तान जिंक, लोढ़ा डेवलपर्स, एलएंडटी फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, मैंगलोर रिफाइनरी, सुप्रीम पेट्रोकेम, तनला प्लेटफॉर्म्स और जेनसर टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।

नतीजों से तय होगी बाजार की अगली चाल
विशेषज्ञों का मानना है कि इन कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की अगली दिशा तय करेंगे। बेहतर नतीजों से जहां कुछ शेयरों में रिकवरी संभव है, वहीं कमजोर प्रदर्शन से दबाव और बढ़ सकता है।

निवेशकों के लिए सतर्क रहने की सलाह
लगातार गिरावट को देखते हुए बाजार में फिलहाल दबाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे में विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में ही निवेश करने की सलाह दे रहे हैं।

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