55 मिनट तक हुई ट्रंप-पुतिन की अहम बातचीत! यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर जोर, ईरान समझौते पर भी हुई चर्चा
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सोमवार को करीब 55 मिनट तक महत्वपूर्ण फोन वार्ता हुई। बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान संबंधों और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब दुनिया की नजरें यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिकी हुई हैं।
यूक्रेन युद्ध समाप्त करने पर हुई चर्चा
क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बताया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन से कहा कि यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करना बेहद जरूरी है और अमेरिका इस दिशा में हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है। ट्रंप ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
ईरान के साथ समझौते का दिया संकेत
फोन वार्ता के दौरान ट्रंप ने पुतिन को यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस पर रूसी राष्ट्रपति ने संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव का समाधान निकल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधि विटकॉफ और कुशनर के निकट भविष्य में रूस दौरे की भी संभावना जताई जा रही है।
पुतिन ने ट्रंप को दी जन्मदिन की बधाई
बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को उनके 80वें जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने इस बात की सराहना की कि पुतिन उन पहले विदेशी नेताओं में शामिल थे जिन्होंने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
दोनों नेताओं ने इस दौरान अमेरिका-रूस संबंधों पर भी चर्चा की। ट्रंप ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका और रूस के बीच हुए सहयोग को याद करते हुए कहा कि इतिहास के उस अध्याय को भुलाया नहीं जाना चाहिए।
बेरूत हमले पर भी हुई प्रतिक्रिया
इसी बीच लेबनान की राजधानी बेरूत पर हुए इजरायली हवाई हमले को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। रविवार को हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हो गए।
यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर चर्चाएं तेज थीं। हमले के बाद ईरान ने नाराजगी जाहिर की है, जिससे प्रस्तावित समझौते पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने जताई नाराजगी
डोनाल्ड ट्रंप ने भी बेरूत पर हुए हमले को लेकर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यह कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही थी।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, रूस, ईरान और पश्चिम एशिया से जुड़ी कूटनीतिक गतिविधियां वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती हैं।



