मानसून में बढ़ जाता है वजाइनल इंफेक्शन का खतरा! जानिए इसके लक्षण और बचाव के आसान उपाय

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नई दिल्ली: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कई तरह के संक्रमणों का खतरा भी बढ़ा देता है। महिलाओं में मॉनसून के दौरान वजाइनल इंफेक्शन की समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में बढ़ी नमी, कपड़ों में सीलन और बैक्टीरिया व फंगस की सक्रियता इस समस्या का प्रमुख कारण बन सकती है।

ऐसे में व्यक्तिगत स्वच्छता और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कपड़ों को अच्छी तरह सुखाना है जरूरी

बारिश के मौसम में कपड़ों और अंडरगार्मेंट्स में नमी बने रहने की संभावना अधिक रहती है। यदि कपड़े पूरी तरह सूखे बिना पहने जाएं तो बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अंडरगार्मेंट्स और अन्य कपड़ों को पर्याप्त धूप और हवा में अच्छी तरह सुखाने के बाद ही उपयोग करना चाहिए।

वजाइनल हाइजीन का रखें विशेष ध्यान

मॉनसून में निजी स्वच्छता का महत्व और बढ़ जाता है। नियमित सफाई से बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार दिन में कम से कम दो बार इस हिस्से की सफाई करना लाभकारी हो सकता है। साथ ही शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

साबुन का अत्यधिक उपयोग कर सकता है नुकसान

डॉक्टरों के मुताबिक वजाइनल क्षेत्र की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे में सामान्य साबुन या अधिक रासायनिक उत्पादों का उपयोग वहां की प्राकृतिक संतुलन व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

अत्यधिक साबुन के इस्तेमाल से खुजली, जलन या रैशेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी उत्पाद का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए।

कॉटन अंडरगार्मेंट्स बेहतर विकल्प

विशेषज्ञ मॉनसून में सूती यानी कॉटन के अंडरगार्मेंट्स पहनने की सलाह देते हैं। कॉटन नमी को जल्दी सोखने में मदद करता है और हवा के बेहतर प्रवाह को बनाए रखता है।

इससे त्वचा लंबे समय तक सूखी और आरामदायक बनी रहती है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।

टाइट कपड़ों से बनाएं दूरी

बारिश के मौसम में बहुत अधिक टाइट कपड़े पहनने से त्वचा पर नमी और गर्मी अधिक समय तक बनी रह सकती है। इससे बैक्टीरिया और फंगस के पनपने की संभावना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना बेहतर विकल्प हो सकता है।

पीरियड्स के दौरान रखें अतिरिक्त सावधानी

मासिक धर्म के दौरान संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार सैनिटरी पैड को नियमित अंतराल पर बदलना चाहिए।

आमतौर पर 4 से 6 घंटे के भीतर पैड बदलने की सलाह दी जाती है ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।

खुशबूदार उत्पादों से बचें

निजी अंगों के आसपास खुशबूदार स्प्रे, पाउडर या अन्य सुगंधित उत्पादों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इनमें मौजूद रासायनिक तत्व संवेदनशील त्वचा में जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं और संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

मसालेदार और तला-भुना भोजन सीमित मात्रा में लें

विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है। संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

वजाइनल इंफेक्शन के सामान्य लक्षण

वजाइनल इंफेक्शन होने पर खुजली, लालिमा, रैशेज, सूजन, जलन या असामान्य असुविधा जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में पेशाब के दौरान जलन या शारीरिक संबंध के समय परेशानी भी महसूस हो सकती है यदि ये लक्षण लगातार बने रहें या गंभीर हो जाएं, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

 

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