काशी के आसमान में गूंजेगा वायु शक्ति का पराक्रम! गंगा के ऊपर पहली बार बनेगा त्रिशूल फॉर्मेशन, एयर फोर्स डे पर ऐतिहासिक नजारा
वाराणसी: भारतीय वायु सेना इस वर्ष अपना 94वां स्थापना दिवस विशेष और भव्य अंदाज में मनाने की तैयारी कर रही है। इस बार समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि एयर फोर्स डे के तहत आयोजित होने वाला फ्लाईपास्ट पहली बार गंगा नदी के ऊपर वाराणसी में आयोजित किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम के आकाश में लड़ाकू विमानों की गर्जना और विशेष हवाई करतब देशवासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण बनने जा रहे हैं।
वाराणसी को देश की आध्यात्मिक राजधानी माना जाता है और इसी वजह से इस आयोजन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। अक्टूबर में प्रस्तावित इस कार्यक्रम की अंतिम तारीख और विस्तृत कार्यक्रम जल्द घोषित किया जाएगा। यह आयोजन भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर होगा।
दो चरणों में मनाया जाएगा एयर फोर्स डे
वायु सेना दिवस का मुख्य औपचारिक समारोह 8 अक्टूबर को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जाएगा, जहां पारंपरिक परेड और सैन्य कार्यक्रम होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में वाराणसी में भव्य फ्लाईपास्ट का आयोजन किया जाएगा।
वायु सेना का उद्देश्य इस बार समारोह को दिल्ली-एनसीआर तक सीमित न रखते हुए देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना है, ताकि आम नागरिक भी वायु सेना की क्षमताओं को करीब से देख सकें।
गंगा के ऊपर दिखेगी आधुनिक वायु शक्ति
फ्लाईपास्ट के दौरान वाराणसी के आसमान में अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर विभिन्न फॉर्मेशन में उड़ान भरते नजर आएंगे। विशेष आकर्षण के रूप में त्रिशूल फॉर्मेशन समेत कई हवाई संरचनाएं देखने को मिल सकती हैं, जो कार्यक्रम को और भी यादगार बनाएंगी।
फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स के साथ भारी परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा एयरबोर्न पैराट्रूपर्स द्वारा सटीक पैराशूट जंप का प्रदर्शन भी कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता है।
जनता को वायु सेना से जोड़ने की पहल
इस आयोजन का उद्देश्य केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को भारतीय वायु सेना के कार्यों और क्षमताओं से परिचित कराना भी है। वायु सेना चाहती है कि इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं में देशसेवा और रक्षा बलों के प्रति आकर्षण बढ़े।
देश के कई शहरों में हो चुका है आयोजन
पिछले वर्षों में भारतीय वायु सेना अपनी वर्षगांठ के अवसर पर फ्लाईपास्ट और एयर शो देश के विभिन्न शहरों में आयोजित करती रही है। चंडीगढ़, प्रयागराज, भोपाल और गुवाहाटी जैसे शहर इस आयोजन की मेजबानी कर चुके हैं।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार वाराणसी को चुना गया है। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस शहर में होने वाला आयोजन आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक सैन्य शक्ति के अनूठे संगम का प्रतीक माना जा रहा है।
1932 में हुई थी भारतीय वायु सेना की स्थापना
भारतीय वायु सेना का स्थापना दिवस हर वर्ष 8 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 1932 में स्थापित यह बल आज दुनिया की प्रमुख वायु सेनाओं में गिना जाता है। आधुनिक लड़ाकू विमानों, अत्याधुनिक तकनीक और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के साथ भारतीय वायु सेना लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है।
घाटों पर उमड़ेगा जनसैलाब
वाराणसी में होने वाले इस फ्लाईपास्ट को देखने के लिए हजारों लोगों के गंगा घाटों और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना है। आसमान में उड़ते लड़ाकू विमान, विशेष फॉर्मेशन और हवाई प्रदर्शन काशीवासियों समेत देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।
कार्यक्रम की अंतिम मंजूरी, समय-सारिणी और विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि 94वां एयर फोर्स डे वाराणसी के इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ने वाला है।



