अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को खुला और सुरक्षित रखने पर बातचीत

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पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कॉल किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में चर्चा की और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा- मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया

पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया।”

इससे पहले दोनों नेताओं के बीच 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी

अस्थाई संघर्ष विराम के बाद पीएम मोदी और ट्रंप के बीच ये पहली बातचीत है। वहीं, ये बीस दिन में दूसरी बार बातचीत हुई है। इससे पहले 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी। उस बातचीत में भी दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की थी।

पीएम मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत भी बताई थी, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

ईरान-यूएस के बीच इस्लामाबाद में स्थाई शांति को लेकर की चर्चा बेनतीजा रही

आपको बता दें, कि हाल ही में ईरान-यूएस के बीच इस्लामाबाद में स्थाई शांति को लेकर की चर्चा बेनतीजा रही। इसके बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट के नाकाबंदी की बात कही। होर्मुज पर ईरान की दावेदारी और अमेरिकी की कथित नाकेबंदी के बीच दुनिया इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। मंगलवार को ही फ्रांस-यूके ने जल्द ऑनलाइन बैठक का आयोजन करने की घोषणा की। इस बैठक में होर्मुज का रास्ता सुगम बनाने को लेकर मंत्रणा होगी।

वर्चुअल बैठक इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम की अगुवाई में 40 से अधिक देशों के मंत्रियों की हुई बैठक का अगला चरण मानी जा रही है। उस बैठक में उस अहम समुद्री चोकपॉइंट पर चर्चा हुई थी, जहां हजारों जहाज और उनके चालक दल फंसे हुए हैं।