चीनी के दाम ₹69 किलो तक पहुंचे, सरकार के इस फैसले से जल्द मिल सकती है राहत
नई दिल्ली: देश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। थोक बाजार में एक दिन के भीतर चीनी के भाव में 400 से 525 रुपये प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि खुदरा बाजार में कीमतें 69 रुपये किलो तक पहुंच गई हैं। ब्रांडेड पैकेट वाली चीनी के दाम भी 80 रुपये प्रति किलो तक बताए जा रहे हैं। कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात को मंजूरी दी है।
20 अगस्त 2026 के थोक बाजार के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रमुख मंडियों में चीनी के भाव में तेज उछाल आया। सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बावजूद फिलहाल बाजार में तेजी बनी हुई है। उम्मीद है कि आयात और स्टॉक से जुड़े फैसलों का असर आने वाले दिनों में घरेलू बाजार पर दिखाई दे सकता है।
इन प्रमुख शहरों में थोक चीनी के भाव बढ़े
अहमदाबाद में चीनी का थोक भाव 6,405 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो पिछले भाव से 525 रुपये अधिक है। कोलकाता और चेन्नई में कीमत 6,562.50 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई, जहां 472.50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी रही।
कोल्हापुर में 446.25 रुपये की बढ़त के साथ भाव 6,405 रुपये प्रति क्विंटल और दिल्ली में 420 रुपये की तेजी के बाद 6,510 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कानपुर में चीनी 6,531 रुपये, बेंगलुरु में 6,457.50 रुपये और मुजफ्फरनगर में 6,468 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई।
खुदरा बाजार में भी लगातार बढ़ रही कीमत
खुदरा बाजार में भी चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। 11 अगस्त को दिल्ली में चीनी 53 रुपये किलो थी, जो 20 अगस्त तक बढ़कर 67 रुपये किलो हो गई। यानी नौ दिनों में कीमत में 14 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ।
इसी अवधि में कानपुर में चीनी का भाव 53 से बढ़कर 68 रुपये, मुंबई में 52 से 67 रुपये और कोलकाता में 53 से 68 रुपये किलो हो गया। गुवाहाटी में सबसे अधिक 69 रुपये किलो का भाव दर्ज किया गया। 20 अगस्त को ज्यादातर प्रमुख शहरों में चीनी 67 से 69 रुपये किलो के आसपास बिक रही थी।
सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात को दी मंजूरी
घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन तक कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी।
जारी अधिसूचना के मुताबिक इसके लिए 10 लाख मीट्रिक टन का टैरिफ रेट कोटा लागू किया गया है। निर्धारित सीमा के भीतर कच्ची चीनी का शुल्क मुक्त आयात किया जा सकेगा। इसके लिए अधिसूचना में तय शर्तों का पालन करना होगा। आयातित कच्ची चीनी से तैयार चीनी को भी 31 अक्टूबर 2026 तक घरेलू बाजार में बेचने की शर्त रखी गई है।
चीनी के स्टॉक पर भी सरकार की सख्ती
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने चीनी के भंडारण को लेकर भी नए निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार जिन डीलरों का मासिक चीनी उपयोग 10 मीट्रिक टन से अधिक है, वे 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे।
यह व्यवस्था 1 सितंबर से लागू होगी और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। सरकार का यह कदम बाजार में जमाखोरी को रोकने और घरेलू स्तर पर चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।





