फार्मासिस्टों के लिए बड़ा अपडेट, 15 दिन में HPR प्रोफाइल अपडेट नहीं की तो निष्क्रिय हो सकती है रजिस्ट्री
नई दिल्ली: देशभर के पंजीकृत फार्मासिस्टों के लिए प्रोफेशनल रजिस्ट्री को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब फार्मासिस्टों को हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री यानी HPR में अपनी प्रोफाइल अपडेट और सत्यापित करानी होगी। इसके लिए 15 दिनों की समयसीमा तय की गई है। तय अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर संबंधित प्रोफाइल को निष्क्रिय किया जा सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य फार्मासिस्टों की पहचान, पंजीकरण और अन्य जरूरी जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।
HPR प्रोफाइल अपडेट करने की प्रक्रिया क्या है?
HPR व्यवस्था राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से शुरू की गई है। जिन फार्मासिस्टों का पहले से डिजी फार्मेड पोर्टल पर पंजीकरण है और उनके पास वैध BHP नंबर है, उन्हें अपनी HPR प्रोफाइल अपडेट करनी होगी।
प्रक्रिया की शुरुआत ई-केवाईसी से होगी। इसके तहत फार्मासिस्ट को अपनी पहचान से संबंधित जानकारी सत्यापित करनी होगी। इसके बाद व्यक्तिगत विवरण, नौकरी, शैक्षणिक योग्यता और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी की जांच करनी होगी। प्रोफाइल में कोई जानकारी अधूरी है तो उसे पूरा करना जरूरी होगा।
गलत या पुरानी जानकारी पर भी देना होगा ध्यान
प्रोफाइल अपडेट करते समय फार्मासिस्टों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दर्ज की गई सभी जानकारियां सही और अद्यतन हों। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित राज्य फार्मेसी काउंसिल प्रोफाइल की जांच करेगी। काउंसिल की मंजूरी मिलने के बाद फार्मासिस्ट का HPR कार्ड तैयार किया जाएगा।
इस व्यवस्था के जरिए फार्मासिस्ट की पहचान, शैक्षणिक योग्यता, रोजगार और पंजीकरण से संबंधित जानकारी को एक ही डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सकेगा।
BPharma के 2026 पाठ्यक्रम में भी बदलाव
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने BPharma के 2026 पाठ्यक्रम को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। नए पाठ्यक्रम में विभिन्न विषयों को एक साथ जोड़कर पढ़ाने वाले अंतरविषयी पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं।
जिन कॉलेजों में किसी विषय को पढ़ाने के लिए योग्य फार्मेसी शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां योग्य अतिथि या बाहर से आने वाले शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकेंगी। ऐसे शिक्षक के पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री होना अनिवार्य होगा।
छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा देने पर जोर
पीसीआई के अनुसार नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य BPharma छात्रों को अलग-अलग विषयों की बेहतर समझ देना और उन्हें फार्मेसी से जुड़े व्यावहारिक कार्यों के लिए तैयार करना है। बाहर से नियुक्त किए जाने वाले शिक्षकों को पढ़ाने से पहले आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत एक ओर फार्मासिस्टों की डिजिटल पहचान और पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी शिक्षा में व्यावहारिक और अंतरविषयी अध्ययन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।





