महंगे स्किन ट्रीटमेंट छोड़िए! मोरिंगा ऑयल से पाएं दमकती त्वचा, झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने में मिल सकती है मदद
नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली, प्रदूषण, तनाव और असंतुलित खानपान का असर सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देता है। समय से पहले झुर्रियां, फाइन लाइन्स, रूखापन और डार्क सर्कल्स जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में कई लोग महंगे स्किन केयर उत्पादों और ब्यूटी ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। वहीं, प्राकृतिक उपाय अपनाने वाले लोगों के बीच मोरिंगा ऑयल यानी सहजन के बीजों से तैयार तेल त्वचा की देखभाल के लिए एक लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। हालांकि, इसके प्रभाव हर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
मोरिंगा ऑयल लगाने का सही तरीका
रात में सोने से पहले चेहरे को किसी हल्के फेसवॉश से अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद हथेली पर मोरिंगा ऑयल की 3 से 4 बूंदें लेकर हल्का रगड़ें और चेहरे व गर्दन पर 2 से 3 मिनट तक हल्के हाथों से गोलाकार गति में मसाज करें। इसके बाद तेल को रातभर त्वचा पर लगा रहने दें।
यदि आप चेहरे की सूजन कम करना चाहते हैं, तो मोरिंगा ऑयल लगाने के बाद फेस रोलर या गुआ शा टूल की सहायता से हल्की मसाज भी कर सकते हैं।
इसके अलावा मुल्तानी मिट्टी, चंदन पाउडर या अन्य घरेलू फेस पैक में मोरिंगा ऑयल की 4 से 5 बूंदें मिलाकर भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
त्वचा के लिए मोरिंगा ऑयल के संभावित फायदे
मोरिंगा ऑयल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा को पोषण देने और नमी बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व त्वचा की कोशिकाओं के सामान्य विकास का समर्थन कर सकते हैं और बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मददगार माने जाते हैं।
नियमित स्किन केयर रूटीन के हिस्से के रूप में इसका उपयोग करने से त्वचा को मुलायम बनाए रखने, रूखेपन को कम करने और प्राकृतिक चमक बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
मुंहासों और दाग-धब्बों में भी मिल सकती है मदद
मोरिंगा ऑयल में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाने की बात कही जाती है। इसी वजह से इसे मुंहासों की समस्या, डार्क स्पॉट्स और ब्लैकहेड्स की देखभाल में भी उपयोगी माना जाता है। हालांकि, इसके प्रभाव को लेकर अधिक वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।
इस्तेमाल से पहले रखें ये सावधानियां
यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो मोरिंगा ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट अवश्य करें। किसी भी प्रकार की जलन, खुजली, लालिमा या एलर्जी महसूस होने पर इसका उपयोग तुरंत बंद कर दें। यदि त्वचा संबंधी समस्या गंभीर है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।





