PM विश्वकर्मा योजना में 30 लाख रजिस्ट्रेशन, 24.50 लाख को ट्रेनिंग; मिल रहा 3 लाख तक का लोन, ऐसे उठाएं फायदा
नई दिल्ली: सरकार ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत अब तक 30 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें करीब 24.50 लाख लोगों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी के मुताबिक, इंडिया पोस्ट के जरिए 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट वितरित की गई हैं। वहीं, 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5% सालाना रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक का ऋण दिया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपये है।
2023 में शुरू हुई थी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, ऋण और बाजार सहायता के जरिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की थी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने कोलकाता के धोनों धान्यो ऑडिटोरियम में योजना की तीसरी वर्षगांठ मनाई। कार्यक्रम में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका, कौशल और उद्यमिता क्षमता मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया।
पश्चिम बंगाल में 7 लाख से ज्यादा आवेदन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा ऋण सहायता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विश्वकर्माओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाएगी।
MSME की केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लाभार्थियों को बधाई देते हुए उनके उद्यमिता के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लाभार्थियों से पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत उपलब्ध अवसरों और सहायता का पूरा लाभ उठाने तथा सफल उद्यमी बनने की दिशा में प्रयास करने को कहा।
करंदलाजे ने कहा कि यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के लिए विशेष महत्व रखता है। उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल हाल ही में पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ा है और राज्य में यह MSME मंत्रालय का पहला कार्यक्रम है। उन्होंने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने को मजबूत परिवारों, समुदायों और विकसित भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र कारीगर और शिल्पकार आधिकारिक पीएम विश्वकर्मा पोर्टल या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। इसके तहत 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को लाभ दिया जाता है। इनमें बढ़ई, लोहार, सुनार, मोची, दर्जी और राजमिस्त्री समेत अन्य काम शामिल हैं।
योजना के नियमों के मुताबिक, एक परिवार से केवल एक सदस्य ही इसका लाभ ले सकता है। लाभार्थी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत
आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पहचान पत्र, आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक, मोबाइल नंबर और लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र साथ रखना होगा। नजदीकी CSC पर बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण के जरिए पंजीकरण कराया जा सकता है। इसके अलावा पीएम विश्वकर्मा की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थी को पीएम विश्वकर्मा डिजिटल प्रमाणपत्र और पहचान पत्र दिया जाता है। योजना के तहत 5 से 7 दिन का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दिन या उससे अधिक का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता भी मिलता है।
बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का लोन
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थी अपना काम शुरू करने या बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी के 5% की रियायती ब्याज दर पर कुल 3 लाख रुपये तक का ऋण ले सकता है। इसमें पहले चरण में 1 लाख रुपये और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये तक का ऋण शामिल है।





