राजौरी में आतंकियों की घेराबंदी, जंगलों में ड्रोन और हेलिकॉप्टर से तेज हुआ बड़ा सर्च ऑपरेशन

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान लगातार छठे दिन भी जारी है। सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली है कि 2 से 3 शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी घने जंगलों में छिपे हो सकते हैं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।

घने जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश तेज
अधिकारियों के अनुसार, राजौरी के गंभीर मुगलान इलाके में आतंकियों की मौजूदगी का इनपुट मिलने के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। यह ऑपरेशन पिछले छह दिनों से लगातार जारी है और गुरुवार सुबह से इसे और अधिक व्यापक बना दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इलाके में 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका बनी हुई है।

सैन्य नेतृत्व ने संभाली कमान की समीक्षा
अभियान की गंभीरता को देखते हुए उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बुधवार को खुद क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से मुलाकात की और ऑपरेशन की रणनीति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

पहले हुई मुठभेड़ में आतंकियों को पीछे हटाया गया
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घने जंगल क्षेत्र की ओर पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।

ड्रोन और हेलिकॉप्टर से सघन निगरानी
घने जंगल और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षाबलों ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। ड्रोन और सैन्य हेलिकॉप्टरों की मदद से पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि छिपे हुए आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उन्हें किसी भी तरह का बच निकलने का मौका न मिले।

कुल मिलाकर, राजौरी में जारी यह अभियान अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ता दिख रहा है, जहां सुरक्षाबल पूरे इलाके को घेरकर आतंकियों की तलाश में जुटे हुए हैं।