‘जंतर-मंतर के आंदोलनकारी देश के युवाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते’, आगरा में बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

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आगरा: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर सोमवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोग देश के युवाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उनके अनुसार, इस आंदोलन में केवल एक-दो प्रतिशत युवा ही शामिल थे, इसलिए पूरे युवा वर्ग को उससे जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 92वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत का भविष्य केवल बातों से नहीं, बल्कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और संकल्प से बनेगा। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों, नवाचार और युवा शक्ति का भारत है, जहां युवाओं ने अपनी क्षमता से यह साबित किया है कि दृढ़ संकल्प के सामने कोई सीमा नहीं होती।

उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मौजूद आंदोलनकारियों को पूरे देश के युवाओं का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। राज्यपाल ने कहा कि देश के अधिकांश युवा सकारात्मक सोच, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की स्थानीय समस्याओं का स्थायी समाधान भी खोजा जाना चाहिए। उनके अनुसार, जब स्थानीय प्रतिभा, ज्ञान और संसाधन एक साथ आते हैं, तभी नवाचार को बढ़ावा मिलता है और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।

पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास पर दिया जोर

अपने संबोधन में आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग छोड़ने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान से जुड़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कला, रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल भी विकसित करने चाहिए, ताकि वे जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

‘अच्छा काम करने वालों को आलोचना से नहीं डरना चाहिए’

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में ऐसे लोग हमेशा मौजूद रहते हैं जो सकारात्मक कार्यों में भी कमियां तलाशते हैं। उन्होंने युवाओं और शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों से कहा कि ऐसे लोगों से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है और उन्हें निरंतर अच्छे कार्य करते रहना चाहिए।

 

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