NEET विवाद पर सरकार एक्शन मोड में, राजनाथ सिंह के घर हाईलेवल बैठक; धर्मेंद्र प्रधान, सिंधिया और पीएमओ अधिकारी मौजूद

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नई दिल्ली: नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और ग्रेस मार्किंग विवाद को लेकर केंद्र सरकार ने उच्च स्तर पर मंथन तेज कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बुधवार को एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े विवाद, पेपर लीक के आरोप, छात्रों की शिकायतों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है। सरकार छात्रों के बीच बढ़ते असंतोष और देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए आगे की रणनीति तैयार कर रही है।

NTA प्रमुख को किया गया तलब

नीट विवाद के केंद्र में रही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह को विशेष रूप से इस बैठक में बुलाया गया। बताया जा रहा है कि पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी भी परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों और सुरक्षा खामियों को लेकर सीधा फीडबैक ले रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार बैठक में परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह के विवादों से बचा जा सके।

पेपर लीक के आरोपों से घिरी NTA

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और शिक्षा मंत्रालय इस समय नीट विवाद को लेकर लगातार दबाव में हैं। छात्रों के प्रदर्शन, विपक्षी दलों की आलोचना और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार पूरे मामले की लगातार समीक्षा कर रही है।

नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। इसके बाद पेपर लीक के आरोप सामने आने पर विवाद बढ़ गया और परीक्षा रद्द कर दी गई। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रही है।

अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई जांच में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी, जिन्हें मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह सहित कई शिक्षक और कोचिंग से जुड़े लोग शामिल हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों ने अपनी पहुंच का गलत इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र लीक किए, जिन्हें बाद में छात्रों और कोचिंग संचालकों तक पहुंचाया गया।

छात्रों की चिंताओं पर फोकस

सरकार की कोशिश है कि परीक्षा प्रक्रिया पर छात्रों का भरोसा दोबारा कायम किया जाए। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि छात्रों की शिकायतों का समाधान किस तरह तेजी से किया जाए और भविष्य में परीक्षा संचालन के लिए क्या नए सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार इस पूरे मामले को लेकर बड़े फैसले ले सकती है।

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