स्नैपचैट से शुरू हुई दोस्ती, वीडियो कॉल में फंसा युवक… ऐसे सामने आया ISI के कथित ‘हनी ट्रैप’ नेटवर्क का राज

pak-army

जम्मू: सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर जासूसी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर के एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हनी ट्रैप नेटवर्क के संपर्क में आने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि युवक को सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर उससे संवेदनशील सैन्य जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही थी।

सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार युवक की पहचान 23 वर्षीय करन के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के मकवाल गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक से संपर्क स्नैपचैट पर एक महिला प्रोफाइल के जरिए किया गया था।

स्नैपचैट चैट से बढ़ी नजदीकियां

जांच एजेंसियों के अनुसार महिला ने खुद को सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ की जवान बताया था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और लंबे समय तक चैटिंग और वीडियो कॉल का सिलसिला चलता रहा। अधिकारियों का कहना है कि इसी दौरान युवक को भरोसे में लेकर उससे संवेदनशील सूचनाएं जुटाने की कोशिश की गई।

आरोप है कि युवक से सेना के ठिकानों, बंकरों और रणनीतिक स्थानों से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो मांगे गए थे। एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाकर सैन्य सूचनाएं हासिल करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था।

मां के मोबाइल से लिया गया ओटीपी

जांच में यह भी सामने आया है कि महिला एजेंट ने नेटवर्क समस्या का बहाना बनाकर युवक से नया व्हाट्सऐप नंबर उपलब्ध कराने को कहा। इसी दौरान युवक ने अपनी मां के मोबाइल पर आया ओटीपी साझा कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक इसके जरिए कथित तौर पर व्हाट्सऐप अकाउंट सक्रिय किया गया और आगे संपर्क बनाए रखा गया।

सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अकाउंट का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया और इसके जरिए किस तरह की सूचनाओं का आदान-प्रदान हुआ।

ऐसे खुली पूरे नेटवर्क की परतें

सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। इसके बाद उसकी निगरानी शुरू की गई। बताया जा रहा है कि जब युवक दोबारा कुछ संवेदनशील जानकारियां साझा करने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में ले लिया।

अधिकारियों ने युवक का मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट जब्त कर लिए हैं। डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कौन-कौन सी सूचनाएं साझा कीं और उसके संपर्क किन विदेशी हैंडलर्स से जुड़े थे।

सोशल मीडिया हनी ट्रैप को लेकर बढ़ी चिंता

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए हनी ट्रैप और साइबर जासूसी के मामलों में तेजी आई है। खासतौर पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर युवाओं को भावनात्मक रूप से फंसाने और उनसे संवेदनशील जानकारी हासिल करने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

एजेंसियां लगातार लोगों को आगाह कर रही हैं कि अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल्स से सावधान रहें और किसी भी परिस्थिति में निजी या संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र