टेस्ला की ऑटोपायलट टेक्नोलॉजी को चकमा! गुड़िया के सिर से AI को बना रहे ‘फर्जी ड्राइवर’, बढ़ी सुरक्षा चिंता

25-jun-3

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे उन्नत ऑटोमोबाइल तकनीकों में गिनी जाने वाली टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग प्रणाली को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चीन में कुछ चालक कंपनी के ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम को धोखा देने के लिए प्लास्टिक की गुड़िया के सिर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस जुगाड़ ने न केवल तकनीकी विशेषज्ञों बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की भी चिंता बढ़ा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई टेस्ला चालक अपनी कार के अंदर रियर व्यू मिरर के पास प्लास्टिक का सिर इस तरह लगा रहे हैं कि वाहन में मौजूद कैमरा उसे वास्तविक चालक समझ ले। इसके चलते कार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी तंत्र यह मान लेता है कि चालक पूरी तरह सतर्क है और सड़क पर नजर बनाए हुए है।

कैसे काम करता है टेस्ला का ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम?

टेस्ला के ऑटोपायलट और फुल सेल्फ ड्राइविंग फीचर पूरी तरह स्वायत्त नहीं हैं। इनका उपयोग करते समय चालक का वाहन पर लगातार ध्यान बनाए रखना जरूरी होता है। इसी उद्देश्य से कंपनी ने इन-कैबिन कैमरों और एआई आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम को विकसित किया है।

यह सिस्टम चालक की आंखों की गतिविधियों, चेहरे की दिशा और सिर की स्थिति पर नजर रखता है। यदि चालक का ध्यान सड़क से हटता है या वह लंबे समय तक सतर्क नहीं दिखता, तो सिस्टम चेतावनी जारी करता है। जरूरत पड़ने पर ऑटोपायलट फीचर को सीमित या निष्क्रिय भी किया जा सकता है।

गुड़िया का सिर बन रहा ‘फर्जी ड्राइवर’

चीन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसे प्लास्टिक सिरों की मांग तेजी से बढ़ने की खबर है। इनकी कीमत करीब 10 से 50 डॉलर के बीच बताई जा रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग प्रसिद्ध हस्तियों जैसी आकृति वाले प्लास्टिक सिर का इस्तेमाल कर टेस्ला के कैमरों को भ्रमित कर रहे हैं। इससे वाहन का सिस्टम यह मान लेता है कि चालक लगातार सामने देख रहा है, जबकि वास्तविक चालक का ध्यान कहीं और हो सकता है।

विशेषज्ञों ने बताया गंभीर खतरा

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका बेहद जोखिम भरा है। टेस्ला की तकनीक अत्याधुनिक जरूर है, लेकिन अभी भी यह पूरी तरह मानव निगरानी पर निर्भर है।

सड़क पर अचानक सामने आने वाली किसी अप्रत्याशित स्थिति में वाहन हमेशा सही निर्णय लेने में सक्षम नहीं हो सकता। ऐसे हालात में चालक को तुरंत नियंत्रण संभालने की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि ड्राइवर सतर्क नहीं है, तो दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ सकती है।

AI और सुरक्षा सिस्टम के सामने नई चुनौती

फिलहाल इस पूरे मामले पर टेस्ला की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी भविष्य में ओवर-द-एयर (OTA) सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए अपने एआई सिस्टम को और अधिक उन्नत बना सकती है ताकि ऐसे तरीकों से सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने की संभावना कम हो सके।

यह घटना केवल टेस्ला तक सीमित नहीं मानी जा रही है। ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए भी यह एक बड़ा संकेत है कि अत्याधुनिक एआई तकनीकों के बावजूद मानवीय चालाकी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी नई चुनौतियां पैदा कर सकती है।

तकनीक से ज्यादा जरूरी जिम्मेदारी

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो, उसकी प्रभावशीलता काफी हद तक उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारी पर निर्भर करती है। सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना किसी भी उन्नत प्रणाली पर पूरी तरह भरोसा करना गंभीर परिणामों को जन्म दे सकता है।

 

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