E-20 पेट्रोल विवाद पर बढ़ी हलचल, प्रस्तावित गाड़ी मार्च से पहले ‘टीम भारत’ से मिले केंद्रीय मंत्री, फिलहाल टला प्रदर्शन
नई दिल्ली: ई-20 पेट्रोल को लेकर प्रस्तावित गाड़ी मार्च से पहले केंद्र सरकार ने पहल करते हुए ‘टीम भारत’ के प्रतिनिधियों से बैठक की। उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला की अगुआई में संसद तक निकाले जाने वाले इस मार्च को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इसी बीच तहसीन पूनावाला का इंस्टाग्राम अकाउंट भी सस्पेंड हो गया है।
ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर ‘टीम भारत’ ने संसद भवन तक वाहन मार्च निकालने की घोषणा की थी। हाल के विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को टीम भारत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। पूनावाला ने पहले 31 जुलाई को गाड़ी मार्च निकालने का ऐलान किया था। इसी दौरान उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया गया।
ई-20 पेट्रोल के खिलाफ चला रहे थे अभियान
बीते कुछ दिनों से तहसीन पूनावाला लगातार ई-20 पेट्रोल के विरोध में वीडियो साझा कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने इंडिया गेट से संसद मार्ग तक गाड़ी मार्च की घोषणा की थी। उनका कहना है कि ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।
इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होने के बाद पूनावाला ने कहा कि सरकार अब इंस्टाग्राम से भी डरने लगी है। उन्होंने दावा किया कि वह हमेशा तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखते हैं और किसी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करते।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी एथेनॉल ब्लेंडिंग का विरोध करते हुए 1 अगस्त को संविधान क्लब में बैठक बुलाने की घोषणा की है।
पूनावाला ने बताया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ हुई बैठक में कृषि और उद्योग क्षेत्र से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने सरकार द्वारा बातचीत के लिए आगे आने पर आभार भी जताया।
गाड़ी मार्च फिलहाल टला, सरकार को दी जाएगी समयसीमा
तहसीन पूनावाला ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने टीम भारत से 31 जुलाई को प्रस्तावित गाड़ी मार्च नहीं निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को विस्तृत योजना के साथ प्रदर्शन का स्वरूप प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने भी बातचीत जारी रहने का हवाला देते हुए मार्च स्थगित करने का अनुरोध किया है। पूनावाला के अनुसार, सरकार ने बातचीत शुरू की है, लेकिन टीम भारत अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मंत्रालय को एक तय समयसीमा देगी।
टीम भारत की प्रमुख मांगें क्या हैं
टीम भारत का कहना है कि वह एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने की मांग नहीं कर रही, बल्कि इसके क्रियान्वयन के तरीके पर आपत्ति जता रही है।
टीम की प्रमुख मांगों में वर्ष 2023 से पहले निर्मित वाहनों के लिए ई-19 पेट्रोल उपलब्ध कराना शामिल है। उनका तर्क है कि पुरानी गाड़ियां ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं की गई हैं। इसके अलावा सभी पेट्रोल पंपों पर उचित कीमत पर शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने और ई-20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल की तुलना में कम से कम 20 प्रतिशत कम रखने की भी मांग की गई है।
पूनावाला ने कहा कि यदि नेपाल जैसे देश में भारत से प्रोसेस्ड ईंधन पहुंचने के बावजूद सस्ती कीमत पर तेल उपलब्ध हो सकता है, तो भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता।
ई-20 पर जारी है बहस
ई-20 पेट्रोल के विरोध में सोशल मीडिया पर अभियान चल रहा है। विपक्षी दल भी इस नीति की आलोचना कर रहे हैं। दिल्ली के कई परिवहन संगठनों ने भी ई-20 के खिलाफ संसद मार्च की घोषणा की है। उनका दावा है कि मिश्रित पेट्रोल से वाहनों का माइलेज प्रभावित होता है। हालांकि सरकार इन दावों को पहले ही खारिज कर चुकी है।





