डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर नहीं बढ़ाती, शरीर के इन अहम अंगों को भी पहुंचा सकती है नुकसान
इंदौर: डायबिटीज एक ऐसी दीर्घकालिक बीमारी है, जिसका असर केवल रक्त में शुगर के स्तर तक सीमित नहीं रहता। यदि लंबे समय तक ब्लड शुगर नियंत्रित न रहे तो यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। भारत समेत दुनिया भर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर नियंत्रण नहीं होने पर यह बीमारी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
डायबिटीज क्यों होती है?
डायबिटीज के पीछे आनुवंशिक कारण भी हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में असंतुलित जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अस्वस्थ खानपान को प्रमुख कारण माना जाता है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट, नियमित व्यायाम और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही ब्लड शुगर की नियमित जांच भी जरूरी मानी जाती है, ताकि समय रहते किसी भी जोखिम को कम किया जा सके।
हृदय पर बढ़ सकता है खतरा
अनियंत्रित डायबिटीज हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। लंबे समय तक उच्च ब्लड शुगर रहने से रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए ब्लड शुगर के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को भी नियंत्रित रखना जरूरी है।
किडनी पर पड़ सकता है गंभीर असर
डायबिटीज का प्रभाव किडनी पर भी पड़ सकता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर किडनी की महीन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। समय पर इलाज और नियंत्रण न होने पर किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर मामलों में किडनी फेल होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
आंखों की रोशनी भी हो सकती है प्रभावित
लंबे समय तक डायबिटीज रहने पर आंखों की रक्त वाहिकाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इससे दृष्टि कमजोर होने या डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मधुमेह के मरीजों को समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहना चाहिए।
ब्लड शुगर कंट्रोल रखना है सबसे जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज से होने वाली जटिलताओं से बचने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय पर दवाओं का सेवन और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड शुगर की निगरानी करना बेहद जरूरी है। यदि ब्लड शुगर लंबे समय तक नियंत्रित रहे तो कई गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।





