राम मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम! सहारनपुर का सुहैल कर्नाटक से गिरफ्तार, मोबाइल में मिले पाकिस्तान कनेक्शन के सबूत

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सहारनपुर: अयोध्या स्थित राम मंदिर पर कथित आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी एक युवक को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान से जुड़े संपर्क, संदिग्ध व्हाट्सऐप ग्रुप और हथियारों के साथ तस्वीरें बरामद हुई हैं। मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस को भी भेज दी गई है।

गिरफ्तार युवक की पहचान सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र स्थित लखनौती गांव निवासी सुहैल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह कर्नाटक के दावणगेरे में पेंटर का काम कर रहा था, जहां से उसे हिरासत में लिया गया।

15 दिन में तीसरा संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले 15 दिनों के भीतर कर्नाटक से गिरफ्तार किया गया यह तीसरा संदिग्ध आतंकी है। बताया जा रहा है कि 4 जून को गिरफ्तार किए गए दो अन्य संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर सुहैल तक जांच एजेंसियां पहुंचीं।

इससे पहले 22 वर्षीय जमीर खान को दावणगेरे और 24 वर्षीय अल्ला बख्श को तुमकुरु से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि राज्य के गृह मंत्री प्रियांग खरगे ने सुहैल की गिरफ्तारी और पूर्व में पकड़े गए दोनों आरोपियों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं की है।

सोशल मीडिया के जरिए बना पाकिस्तान कनेक्शन

दावणगेरे के पुलिस अधीक्षक एच.टी. शेखर के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि सुहैल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित संदिग्ध तत्वों और आतंकी संगठनों के संपर्क में आया था। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि उन्हें कर्नाटक में संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े करीब 10 लोगों के एक समूह के प्रवेश की सूचना मिली है, जिसकी भी जांच जारी है।

मोबाइल से मिले कई अहम सुराग

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन से कई ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं जो जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इनमें हथियारों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें, पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले मोबाइल नंबर और कुछ ऑडियो क्लिप शामिल हैं।

दावा किया जा रहा है कि कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी कथित तौर पर राम मंदिर को निशाना बनाने की योजना पर चर्चा करता सुनाई देता है। हालांकि इन सभी डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

जांच एजेंसियां खंगाल रहीं नेटवर्क

सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा था या फिर अकेले काम कर रहा था। उसके संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।

राम मंदिर जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल को लेकर सामने आए इस मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और संभावित नेटवर्क की पहचान के लिए कई राज्यों में सूचनाएं साझा की गई हैं।

 

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