भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट! ‘समझौता टूटा’ की खबरों पर अमेरिकी राजदूत का जवाब, बताया क्या है सच

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नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर सामने आ रही अटकलों पर अब अमेरिकी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता रुक गया है या किसी पक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया है।

सर्जियो गोर ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष ने समझौते से पीछे हटने का फैसला नहीं किया है और इस तरह की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।

‘फेक न्यूज अलर्ट’, राजदूत ने किया स्पष्ट

अमेरिकी राजदूत ने अपनी पोस्ट में लिखा, “फेक न्यूज अलर्ट! किसी ने कुछ भी रिजेक्ट नहीं किया है।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार सकारात्मक बैठकें हो रही हैं और व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्ष पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि इससे बेहतर रिपोर्टिंग की जा सकती थी।

भारत सरकार ने भी दावों को बताया निराधार

भारत सरकार ने भी ट्रेड डील में रुकावट या समझौते से पीछे हटने संबंधी खबरों को गलत बताया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ऐसे दावों को झूठा, आधारहीन और भ्रामक करार दिया।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता लगातार जारी है और समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि भारत ने जानबूझकर इस समझौते में देरी की है या इससे दूरी बना ली है।

रिपोर्ट में क्या किया गया था दावा?

हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत और अमेरिका बेहतर शर्तों की तलाश में ट्रेड डील को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत नए व्यापारिक साझेदारों को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है और आर्थिक जोखिमों को कम करने पर ध्यान दे रहा है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेसन ग्रीयर के भारत दौरे के दौरान अंतरिम व्यापार समझौते की शर्तों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।

किन मुद्दों पर बनी थी चुनौती?

रिपोर्ट के मुताबिक, एक भारतीय अधिकारी के हवाले से दावा किया गया था कि अमेरिका की ओर से दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त आश्वासन नहीं मिला। इनमें चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में टैरिफ संबंधी लाभ और समझौते के बाद संभावित नए अमेरिकी शुल्कों से सुरक्षा जैसे विषय शामिल बताए गए थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि भारत किसी ऐसे व्यापार समझौते में जल्दबाजी नहीं करना चाहता, जो उसके दीर्घकालिक हितों के अनुरूप न हो। विशेष रूप से कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत सावधानी बरत रहा है। हालांकि, भारत और अमेरिका दोनों की ओर से जारी बयानों के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है और दोनों पक्ष समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

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