₹318 करोड़ की डील से गोल्ड लोन बाजार में टाटा कैपिटल की बड़ी एंट्री, योगलोन्स में खरीदेगी 88.6% हिस्सेदारी
नई दिल्ली: देश की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी टाटा कैपिटल ने तेजी से बढ़ रहे गोल्ड लोन कारोबार में बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने केरल स्थित गोल्ड लोन एनबीएफसी योगलोन्स में 88.6 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का निर्णय लिया है। इस अधिग्रहण की कुल संभावित कीमत 318 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। इसके अलावा कंपनी विस्तार योजनाओं के तहत करीब 93 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश भी करेगी। डील पूरी होने के बाद योगलोन्स, टाटा कैपिटल की सहायक कंपनी बन जाएगी।
गोल्ड लोन बाजार में यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब देश में इस क्षेत्र की मांग लगातार बढ़ रही है। सोने की ऊंची कीमतों, आसान ऋण प्रक्रिया और बढ़ती वित्तीय जरूरतों के कारण गोल्ड लोन सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में टाटा कैपिटल का यह निवेश रिटेल लोन कारोबार को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
योगलोन्स की क्या है खासियत?
योगलोन्स दक्षिण भारत की तेजी से उभरती गोल्ड लोन कंपनी है। इसके 162 शाखा कार्यालय केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में संचालित हैं। 31 मार्च तक कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 708 करोड़ रुपये था और यह लगभग 32 हजार ग्राहकों को सेवाएं दे रही थी।
कंपनी के प्रमोटर उन्नीकृष्णन इडिचारम वीटिल इससे पहले मनप्पुरम फाइनेंस में डिप्टी सीईओ रह चुके हैं। टाटा कैपिटल ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण के बाद भी वर्तमान प्रबंधन कंपनी का संचालन जारी रखेगा, जिससे कारोबार की निरंतरता बनी रहेगी।
रिटेल लोन कारोबार को मिलेगा नया विस्तार
टाटा कैपिटल का कुल नेट एसेट अंडर मैनेजमेंट 2.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। अभी तक कंपनी का मुख्य फोकस रिटेल, एमएसएमई और कॉरपोरेट लोन पर रहा है। गोल्ड लोन कारोबार जुड़ने से उसका रिटेल पोर्टफोलियो और अधिक मजबूत तथा विविध बनेगा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव सभरवाल के अनुसार, गोल्ड लोन सुरक्षित ऋण श्रेणी में आता है और इसमें भविष्य में तेज वृद्धि की संभावनाएं हैं। इससे कंपनी को कम जोखिम के साथ बेहतर आय के अवसर मिल सकते हैं।
तेजी से बढ़ रहा है गोल्ड लोन बाजार
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मई के अंत तक एनबीएफसी का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 69 प्रतिशत बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बढ़ती सोने की कीमतों और आसान ऋण उपलब्धता ने इस क्षेत्र की मांग को लगातार बढ़ाया है।
ब्रोकरेज फर्म आईआईएफएल कैपिटल का अनुमान है कि योगलोन्स की लोन बुक भविष्य में लगभग 5 प्रतिशत रिटर्न ऑन एसेट (RoA) दे सकती है, जबकि टाटा कैपिटल का अनुमानित RoA करीब 2.2 प्रतिशत है। ऐसे में यह अधिग्रहण कंपनी की आय और लाभप्रदता को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
मुथूट और मनप्पुरम को मिलेगी नई चुनौती
अब तक देश के गोल्ड लोन बाजार में मुथूट फाइनेंस और मनप्पुरम फाइनेंस जैसी कंपनियों का दबदबा रहा है। टाटा समूह जैसे मजबूत ब्रांड की एंट्री से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। मजबूत पूंजी, व्यापक ग्राहक आधार और तकनीकी क्षमता के दम पर टाटा कैपिटल आने वाले वर्षों में गोल्ड लोन बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की रणनीति पर काम करेगी।





