राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा! CCTV में 40 दिन में 70 संदिग्ध घटनाएं, जेब और जूतों में रुपये छिपाते दिखे कर्मचारी
अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन के मामले में जांच के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए हैं। सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक में मामले की जांच, ट्रस्ट की आगे की रणनीति और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर करीब पांच घंटे तक मंथन किया गया। बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों समेत कई विषयों पर चर्चा हुई।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
इधर, मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गिनती कक्ष में सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के पालन में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई है।
40 दिन के CCTV फुटेज में 70 संदिग्ध घटनाओं का दावा
एसआईटी की जांच के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 तक यानी करीब 40 दिनों के उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज की गईं। जांच में दावा किया गया है कि गिनती कक्ष के भीतर कई बार कर्मचारियों को नोटों की गड्डियां और खुले रुपये अपने कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटनाएं किसी एक दिन तक सीमित नहीं थीं, बल्कि कई दिनों तक दोहराई जाने वाली प्रक्रिया का हिस्सा प्रतीत होती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में मिलीं कई खामियां
जांच में यह भी सामने आया कि गिनती कक्ष में प्रवेश और बाहर निकलते समय कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली जाती थी। कर्मचारियों के निजी सामान की प्रभावी जांच या नियंत्रण की व्यवस्था भी नहीं थी। इसके अलावा कई हंडियों से निकली नकदी को एक साथ मिलाकर गिना जाता था, जबकि मूल्यवान वस्तुओं के रिकॉर्ड और सत्यापन प्रक्रिया में भी गंभीर कमियां पाई गईं।
छह लोगों की संलिप्तता का प्रथम दृष्टया दावा
एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में छह लोगों की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय और रामशंकर मिश्र के नाम शामिल बताए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच शुरू होने से पहले ही कुछ कर्मचारियों से करीब 78.94 लाख रुपये की बरामदगी का संकेत मिला था। वहीं 4 जून 2026 को गिनती कक्ष से लगभग 2.25 लाख रुपये अतिरिक्त बरामद होने का भी उल्लेख किया गया है।
बैंक खातों की भी होगी विस्तृत जांच
एसआईटी के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद जमा और वित्तीय लेनदेन पाए गए हैं। इन सभी लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सीसीटीवी निगरानी, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), तलाशी व्यवस्था, पर्यवेक्षण और सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर कमियां थीं, जिसके कारण कथित चोरी और गबन जैसी घटनाओं को समय रहते रोका नहीं जा सका। साथ ही मूल्यवान वस्तुओं के प्रबंधन और रिकॉर्ड प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की सिफारिश भी की गई है।





