मोदी सरकार का बड़ा आदेश! अब लागू होगी ‘एक अफसर, एक कार’ नीति, कई सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर लगी रोक

28A_139

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नए निर्देशों के तहत अब किसी भी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार मिलने पर दूसरी सरकारी गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक अधिकारी के लिए केवल एक ही सरकारी स्टाफ कार की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त संस्थाओं के वाहनों के निजी उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है।

अतिरिक्त प्रभार मिलने पर नहीं मिलेगी दूसरी गाड़ी

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी को किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है, तब भी उसे दूसरी सरकारी कार आवंटित नहीं की जाएगी। जिस अधिकारी को उसकी मूल नियुक्ति के तहत पहले से सरकारी स्टाफ कार उपलब्ध है, वही वाहन उसके आधिकारिक उपयोग के लिए मान्य रहेगा।

व्यय विभाग ने जारी किया कार्यालय ज्ञापन

इस संबंध में व्यय विभाग ने कार्यालय ज्ञापन जारी करते हुए सभी मंत्रालयों और विभागों को नए नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी वाहनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना और उनके दुरुपयोग को रोकना है।

पीएसयू और स्वायत्त संस्थाओं की गाड़ियों के निजी उपयोग पर रोक

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्रीय सरकारी अधिकारी अब सार्वजनिक उपक्रमों, अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं, स्वायत्त निकायों या पीएसयू के वाहनों का निजी उपयोग नहीं कर सकेंगे। इन वाहनों का इस्तेमाल केवल आधिकारिक कार्य और सरकारी दौरों के दौरान ही किया जा सकेगा।

अनुपयोगी वाहनों को सुरक्षित रखने के निर्देश

आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन सरकारी वाहनों का नियमित उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके और अनावश्यक खर्च से बचा जा सके।

2022 के नियमों को और सख्ती से लागू करेगी सरकार

नए निर्देश सितंबर 2022 में सरकारी स्टाफ कारों के उपयोग से जुड़े जारी दिशा-निर्देशों को और प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। यह आदेश सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, वित्तीय सलाहकारों और केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिवों को भेज दिया गया है।

सरकारी खर्च और दुरुपयोग पर लगेगी लगाम

केंद्र सरकार का मानना है कि ‘एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी’ की व्यवस्था लागू होने से सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, अनावश्यक खर्च में कमी आएगी और अलग-अलग पदों या अतिरिक्त प्रभार के आधार पर एक से अधिक सरकारी वाहनों के उपयोग की व्यवस्था समाप्त होगी। इसके साथ ही प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------