राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा फैसला संभव! आरोपियों की पैरवी से पीछे हट सकते हैं वकील, आज कोर्ट में होगी पेशी
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने जा रही है और इसी दिन अदालत में पेशी भी प्रस्तावित है। पेशी से पहले फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने का संकेत दिया है। इस मुद्दे पर अंतिम फैसला सोमवार सुबह 11 बजे होने वाली बार एसोसिएशन की आमसभा में लिया जाएगा।
बार एसोसिएशन की बैठक में होगा अंतिम निर्णय
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की पैरवी को लेकर अंतिम निर्णय आमसभा में लिया जाएगा। वहीं एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल का कहना है कि मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबर से अधिवक्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं और बड़ी संख्या में वकील आरोपियों का पक्ष रखने के इच्छुक नहीं हैं।
आरोपियों का केस न लड़ने का प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक आमसभा में यह प्रस्ताव रखा जाएगा कि बार एसोसिएशन का कोई भी सदस्य इस मामले में आरोपियों की ओर से अदालत में पेश न हो। कुछ अधिवक्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है। अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने कहा कि मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
इन आठ आरोपियों की हुई है गिरफ्तारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। ये सभी मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकदी, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुओं की गणना और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगे हुए थे।
करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी का दावा
जांच के दौरान पुलिस अब तक करीब 79.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक साजिश के मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
सभी आरोपियों के घरों पर हुई छापेमारी
रविवार को पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों से नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन दस्तावेजों और बरामद रकम का सत्यापन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध कथित चोरी से है या नहीं।
कोर्ट में रिमांड की मांग कर सकती है पुलिस
सूत्रों के मुताबिक सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान पुलिस आरोपियों की कस्टडी रिमांड की मांग भी कर सकती है। जांच एजेंसियां आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और कथित गबन से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
ट्रस्ट को पहले से थी गड़बड़ी की जानकारी?
जांच के दौरान यह दावा भी सामने आया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मामले की जानकारी सार्वजनिक होने से पहले ही मिल गई थी। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के निर्देश पर 5 जून को प्रतिनिधियों ने पुलिस के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंचकर प्रारंभिक कार्रवाई की थी। दावा है कि उस दौरान कुछ नकदी भी बरामद हुई थी, हालांकि उस समय कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
CCTV फुटेज ने बढ़ाए सवाल
मामले से जुड़ा 24 सेकेंड का एक कथित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में आरोपी अविनाश शुक्ला पुलिसकर्मियों के साथ एक सफेद वाहन की ओर जाता दिखाई दे रहा है। उसके हाथ में एक काला बैग भी नजर आ रहा है। सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में तलाशी के दौरान मिली नकदी रखी गई थी। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
SIT जांच में सामने आईं कई खामियां
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम को राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ी कई कमियां मिली हैं। सूत्रों के अनुसार नकदी प्रबंधन, कर्मचारियों के सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। कुछ कर्मचारियों की नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है।
मुख्यमंत्री को सौंपी जा चुकी है प्रारंभिक रिपोर्ट
विशेष जांच टीम अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप चुकी है। यह मामला उस समय और चर्चा में आया जब 7 जून को चढ़ावे की रकम को लेकर सवाल उठे। इसके बाद 13 जून को राज्य सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच टीम का गठन किया था। अब पूरे मामले पर सभी की निगाहें सोमवार की कोर्ट पेशी और बार एसोसिएशन के फैसले पर टिकी हुई हैं।





