गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी खरीदने से पहले रहें सावधान, वरना सस्ते के चक्कर में हो सकता है बड़ा नुकसान
नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई के बीच सोने की कीमतें लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं, लेकिन इसके बावजूद महिलाओं में सोने के गहनों का आकर्षण कम नहीं हुआ है। इसी वजह से बाजार में गोल्ड प्लेटेड यानी सोने की परत चढ़ी ज्वैलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये गहने देखने में असली सोने जैसे लगते हैं और कीमत भी काफी कम होती है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इन्हें खरीदते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
क्या होती है गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी?
गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी असल में चांदी, कॉपर या निकल जैसी बेस मेटल से तैयार की जाती है, जिस पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग तकनीक के जरिए सोने की पतली परत चढ़ाई जाती है। देखने में यह ज्वैलरी आकर्षक लगती है, लेकिन इसमें असली सोने की मात्रा बेहद सीमित होती है।
खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
1. भरोसेमंद जगह से ही खरीदारी करें
गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी हमेशा किसी विश्वसनीय ज्वैलरी ब्रांड या प्रमाणित दुकान से ही खरीदें, ताकि गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता न हो।
2. प्लेटिंग की जानकारी जरूर लें
खरीदते समय यह पूछना जरूरी है कि ज्वैलरी पर कितने कैरेट सोने की प्लेटिंग की गई है और उसकी मोटाई कितनी है। मोटी प्लेटिंग वाले गहने अधिक समय तक चलते हैं।
3. निवेश के तौर पर न देखें
ऐसी ज्वैलरी की रीसेल वैल्यू लगभग नहीं होती, इसलिए इसे निवेश मानना सही नहीं है। यह मुख्य रूप से फैशन और स्टाइल के लिए होती है।
4. रोजाना इस्तेमाल से बचें
गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी पसीना, पानी, परफ्यूम और धूल के संपर्क में आने से जल्दी खराब हो सकती है, इसलिए इसे रोज पहनने की बजाय खास मौकों पर इस्तेमाल करना बेहतर है।
5. सीमित होती है लाइफ
अच्छी क्वालिटी की गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी आमतौर पर 1 से 2 साल तक ठीक रहती है, इसके बाद इसकी चमक फीकी पड़ने लगती है।
6. फैशन के लिए बेहतर विकल्प
कम बजट में अलग-अलग डिजाइन और ट्रेंड के अनुसार ज्वैलरी पहनने वालों के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
कैसे करें देखभाल?
- पानी और परफ्यूम से दूर रखें
- इस्तेमाल के बाद सूखे कपड़े से साफ करें
- अलग बॉक्स में सुरक्षित रखें
- सोते या नहाते समय पहनने से बचें
बाजार में उपलब्ध गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी कम कीमत में आकर्षक लुक जरूर देती है, लेकिन खरीदते समय गुणवत्ता और उपयोग से जुड़ी सावधानियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।



