बीमा कंपनियों की मनमानी होगी खत्म! अब तय समय में निपटाना होगा क्लेम, IRDAI का सख्त आदेश
नई दिल्ली: बीमा पॉलिसीधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय तक क्लेम के लिए परेशान होने वाले ग्राहकों की मुश्किलें अब कम हो सकती हैं। बीमा क्षेत्र की नियामक संस्था IRDAI ने क्लेम निपटान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। नए निर्देशों के बाद अब बीमा कंपनियों को तय समय सीमा के भीतर क्लेम का निपटारा करना अनिवार्य होगा।
क्लेम की स्थिति पर नियमित जानकारी देना होगा जरूरी
नए नियमों के तहत बीमा कंपनियों को हर 15, 30 और 60 दिनों के अंतराल पर क्लेम से जुड़ी पूरी स्थिति की जानकारी ग्राहकों को देना अनिवार्य होगा। इसमें यह बताना होगा कि कितने क्लेम स्वीकृत हुए, कितने खारिज किए गए और कितने मामलों में भुगतान लंबित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है।
पॉलिसी अपडेट भी अब 7 दिन में अनिवार्य
IRDAI के निर्देशों के अनुसार, यदि कोई ग्राहक अपनी पॉलिसी में पता, मोबाइल नंबर या नॉमिनी जैसी जानकारी में बदलाव करता है, तो कंपनी को यह अपडेट 7 दिनों के भीतर करना होगा। तय समय सीमा का पालन न करने पर इसे शिकायत माना जाएगा और संबंधित कंपनी पर कार्रवाई की जा सकती है।
सीधे CEO और MD की जवाबदेही तय
नए नियमों में पहली बार बीमा कंपनियों के एमडी और सीईओ की जिम्मेदारी को ग्राहक सेवा से सीधे जोड़ा गया है। अब अधिकारियों का बोनस और अतिरिक्त लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी कितनी तेजी और पारदर्शिता से क्लेम का निपटान कर रही है। नियमों का पालन न करने पर बोनस रोका भी जा सकता है।
छह मापदंडों पर होगी कंपनियों की निगरानी
IRDAI ने बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए छह प्रमुख मानक तय किए हैं। इनमें कंपनी की वित्तीय स्थिति, पॉलिसी की जानकारी, क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड, शिकायत निवारण प्रणाली, लेखा मानकों का पालन और ग्राहकों को गुमराह करने वाली गतिविधियों पर निगरानी शामिल है।
ग्राहकों को मिलेगी तेज और पारदर्शी सेवा
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों के लागू होने के बाद क्लेम प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और पारदर्शी होगी। इससे ग्राहकों को समय पर भुगतान मिलने की संभावना बढ़ेगी और बीमा कंपनियों पर जवाबदेही का दबाव भी मजबूत होगा।



