ईरान पर अमेरिका का बड़ा आरोप: 7 कारोबारी जहाजों पर हमले का दावा, 30 भारतीय नाविकों वाले जहाज भी बने निशाना
वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का दावा है कि पिछले सात दिनों के दौरान ईरान ने सात वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया, जिसके चलते कई नागरिक चालक दल के सदस्य मारे गए, घायल हुए या लापता हो गए। अमेरिका ने इन घटनाओं के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।
सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान जारी करते हुए कहा कि ईरानी बलों ने जानबूझकर नागरिक जहाजों पर हमले किए। उनके अनुसार, इस दौरान ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों की दिशा में कई मिसाइलें और ड्रोन भी दागे। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली इन गतिविधियों के लिए अमेरिका ईरान को जवाबदेह मानता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी सैन्य गतिविधियां
अमेरिका का आरोप है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस समुद्री रास्ते पर अमेरिका ने निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है। सेंटकॉम के अनुसार, ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नौसैनिक अभियान तेज कर दिया गया है। इस अभियान में 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात किए गए हैं।
दो जहाजों पर हमले को लेकर भारत ने जताई चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो जहाजों—एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा—पर हुए हमलों को लेकर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इन दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 30 भारतीय नाविक शामिल थे। भारत ने क्षेत्र में भारतीय नागरिकों और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
यूएई ने भी हमलों की पुष्टि की
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यूएई के झंडे वाले टैंकर ‘मोम्बासा’ और ‘बहियाह’ पर ओमान के क्षेत्रीय जल में, होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। मंत्रालय के अनुसार, दोनों जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर व्यापक असर पड़ सकता है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होने की आशंका भी जताई जा रही है।





