राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव, हटाए गए तीन कर्मचारी फिर बहाल; संदीप गुप्ता समेत दो को पुरानी जिम्मेदारियां वापस
अयोध्या: राम मंदिर की प्रशासनिक और व्यवस्थागत प्रणाली में बदलाव के बीच पहले हटाए गए तीन कर्मचारियों की दोबारा बहाली कर दी गई है। नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद संदीप गुप्ता, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को मंदिर की व्यवस्थाओं में वापस लाया गया है। तीनों को उनके पुराने दायित्वों से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
संदीप गुप्ता राम मंदिर के तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लॉकर व्यवस्था से जुड़े काम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। एक विदेशी महिला की शिकायत के बाद उन्हें इस व्यवस्था से हटा दिया गया था। बताया गया था कि लॉकर में सामान रखने को लेकर महिला और संदीप के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद महिला ने ट्रस्ट के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर तत्कालीन अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने संदीप गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद उन्हें राम मंदिर की व्यवस्था से पूरी तरह हटा दिया गया था। इससे पहले शहीद कारसेवक परिवार से जुड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संदीप को मंदिर की व्यवस्था में काम दिया गया था।
नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आने के बाद संदीप गुप्ता की बहाली की सिफारिश की गई। इसके बाद उन्हें दोबारा सेवा में लेते हुए पहले की तरह जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसके साथ ही लॉकर व्यवस्था से जुड़ा उनका काम भी बहाल कर दिया गया।
केडी तिवारी और बजरंग पाठक को भी पुरानी जिम्मेदारियां मिलीं
केडी तिवारी रामलला के आभूषणों और दानदाताओं की ओर से समर्पित वस्तुओं की देखरेख से जुड़ी जिम्मेदारी संभालते थे। वहीं, बजरंग पाठक राम मंदिर की प्रसाद व्यवस्था के प्रभारी थे। दोनों को पहले मंदिर की व्यवस्था से हटाकर बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया गया था।
बजरंग पाठक को हटाए जाने की वजह प्रसाद वितरण से जुड़ा विवाद बताया गया था। रामजन्मभूमि परिसर में तैनात एक महिला क्षेत्राधिकारी ने अपने मेहमानों के लिए प्रसाद उपलब्ध कराने की सिफारिश की थी। पाठक ने ट्रस्ट के आदेश के बिना इस सिफारिश को मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद क्षेत्राधिकारी की ओर से शिकायत की गई।
शिकायत के बाद केडी तिवारी और बजरंग पाठक को मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाकर दूसरे स्थान पर भेजने का फैसला लिया गया था। केडी तिवारी ने नए स्थान पर अपनी ड्यूटी संभाल ली थी, जबकि बजरंग पाठक ने आदेश के मुताबिक स्थान परिवर्तन नहीं किया और कारसेवक पुरम में ही सेवा देते रहे। इसके बाद उन्हें भी व्यवस्था से बाहर कर दिया गया था।
अब दोनों कर्मचारियों को फिर से राम मंदिर की व्यवस्थाओं में वापस लाया गया है। केडी तिवारी और बजरंग पाठक को उनके पुराने दायित्व सौंपे जाने के बाद मंदिर प्रशासन में जिम्मेदारियों का पहले वाला स्वरूप काफी हद तक बहाल हुआ है।
चंपतराय और डॉ. अनिल मिश्र ने कर्मचारियों से की मुलाकात
इस घटनाक्रम के बीच चंपतराय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र भी तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे। दोनों ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और कामकाज की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे सीधे उन्हें इसकी जानकारी दे सकते हैं। दोनों पदाधिकारियों ने करीब एक घंटे तक कर्मचारियों के साथ समय बिताया।
राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव के बाद व्यवस्थाओं की समीक्षा और जिम्मेदारियों में परिवर्तन का दौर जारी है। ऐसे में तीन कर्मचारियों की बहाली को मंदिर की कार्यप्रणाली में नए प्रशासनिक दृष्टिकोण के तहत लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों में देखा जा रहा है।





