डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट, समर्थन में सिर्फ 31 फीसदी अमेरिकी; ईरान युद्ध को लेकर भी घटा भरोसा

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वाशिंगटन। ईरान के साथ जारी लंबे संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट सामने आई है। रॉयटर्स-इप्सोस के ताजा सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में सिर्फ 31 फीसदी लोग ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं। मार्च में यह आंकड़ा 37 फीसदी और अगस्त की शुरुआत में 34 फीसदी था। यानी समय के साथ ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को समर्थन देने वाले अमेरिकियों की संख्या लगातार कम हुई है।

सर्वे में 1,215 अमेरिकी वयस्क हुए शामिल

रॉयटर्स-इप्सोस के इस सर्वे में देशभर के 1,215 अमेरिकी वयस्कों को शामिल किया गया। सर्वे चार दिनों तक कराया गया और इसमें करीब तीन फीसदी की संभावित त्रुटि बताई गई है। सर्वे के मुताबिक, 83 फीसदी अमेरिकियों को आशंका है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष लंबे समय तक जारी रह सकता है।

रिपब्लिकन समर्थकों में भी घटा युद्ध का समर्थन

ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों के बीच भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समर्थन में कमी आई है। ताजा सर्वे में 69 फीसदी रिपब्लिकन उत्तरदाताओं ने युद्ध का समर्थन किया, जबकि मार्च में यह आंकड़ा 77 फीसदी था। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल समर्थन में आई गिरावट की एक प्रमुख वजह रिपब्लिकन समर्थकों के रुख में बदलाव है।

निर्दलीय मतदाताओं के बीच भी दोनों प्रमुख पार्टियों को लेकर समर्थन में अंतर देखने को मिला। सर्वे में डेमोक्रेट्स को 33 फीसदी और रिपब्लिकन को 19 फीसदी समर्थन मिला।

83 फीसदी लोगों को लंबे संघर्ष की आशंका

ईरान के साथ संघर्ष के लंबे खिंचने की आशंका रखने वाले अमेरिकियों की संख्या भी बढ़ी है। ताजा सर्वे में 83 फीसदी लोगों ने कहा कि युद्ध लंबे समय तक चल सकता है। अगस्त की शुरुआत में ऐसा मानने वालों की संख्या 80 फीसदी थी। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को करीब छह महीने से जारी बताया गया है।

महंगाई और युद्ध के बीच ट्रंप के वादों पर सवाल

डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महंगाई पर नियंत्रण करने और लंबे सैन्य संघर्षों से अमेरिका को दूर रखने का वादा किया था। हालांकि, ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच उनकी नीतियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में अमेरिका में पेट्रोल की कीमत प्रति गैलन एक डॉलर से ज्यादा बढ़ चुकी है।

ईरान से जुड़े लोगों और संस्थाओं पर नई अमेरिकी कार्रवाई

इस बीच अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ लोगों और संस्थाओं के खिलाफ नई कार्रवाई की है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये लोग और संस्थाएं हथियारों की खरीद, अमेरिका के ऊर्जा, रक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में साइबर घुसपैठ तथा मध्य पूर्व में आतंकवाद के लिए धन जुटाने वाली अवैध तेल खेपों से जुड़े हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के उप मुख्य प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने दूसरे देशों से भी इन लोगों और संस्थाओं को जवाबदेह ठहराने के अमेरिकी प्रयास में सहयोग करने की अपील की है। ऐसे में एक तरफ ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर घरेलू स्तर पर युद्ध को लेकर अमेरिकी जनता का समर्थन कमजोर होता दिखाई दे रहा है।

 

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