बागवानी सब्सिडी पर सरकार का बड़ा फैसला, अब मंत्री-विधायक और सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ
नई दिल्ली: बागवानी क्षेत्र में मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के नियम अब और सख्त कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की व्यापारिक बागवानी और कोल्ड स्टोरेज योजना के तहत अब मंत्री, सांसद, विधायक समेत कई संवैधानिक और निर्वाचित पदों पर बैठे लोग सब्सिडी का लाभ नहीं ले सकेंगे। सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों और एक तय सीमा से अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को भी इस दायरे से बाहर कर दिया गया है।
सब्सिडी के नियमों में बड़ा बदलाव
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से जुड़ी योजनाओं के पात्रता नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के अलावा मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, मेयरों और जिला पंचायत अध्यक्षों को बोर्ड की योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी नहीं दी जाएगी। स्वायत्त निकायों और स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों को भी लाभार्थियों की सूची से बाहर रखा गया है।
21 अगस्त से लागू हुए संशोधित दिशानिर्देश
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने 21 अगस्त को संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इन बदलावों की जानकारी सोमवार को सार्वजनिक हुई। बोर्ड के मुताबिक, नियमों में बदलाव का उद्देश्य आर्थिक सहायता को अधिक तर्कसंगत बनाना, लाभ का समान वितरण सुनिश्चित करना, एक ही लाभार्थी या परिवार को बार-बार सब्सिडी मिलने की संभावना रोकना और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाना है।
सरकारी कर्मचारी और पेंशन पाने वाले भी दायरे से बाहर
नए नियम केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तक सीमित नहीं हैं। मंत्रालयों और सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी अब इन योजनाओं के तहत सब्सिडी के पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा 10 हजार रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को भी सब्सिडी का लाभ नहीं दिया जाएगा।
अयोग्य श्रेणी के परिवार वालों के लिए एक मौका
संशोधित नियमों में अयोग्य घोषित की गई श्रेणियों से जुड़े परिवार के सदस्यों के लिए एक प्रावधान रखा गया है। ऐसे परिवारों के सदस्य योजना की संशोधित पारिवारिक परिभाषा में आते हैं तो उन्हें एक बार आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि इसके लिए योजना में निर्धारित परिवार संबंधी पात्रता पूरी करना जरूरी होगा।
एक परिवार से सिर्फ एक सदस्य को सब्सिडी
नई व्यवस्था के तहत एक परिवार के केवल एक सदस्य को योजनाओं के तहत सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। दिशानिर्देशों के अनुसार परिवार के किसी एक सदस्य को मिली आर्थिक सहायता को पूरे परिवार को मिली सहायता माना जाएगा। यह नियम व्यक्तिगत लाभ के साथ-साथ हिंदू अविभाजित परिवार, साझेदारी या प्रोप्राइटरशिप फर्म के माध्यम से मिली सहायता और किसी कंपनी के निदेशक के तौर पर प्राप्त लाभ पर भी लागू होगा। यदि परिवार का कोई एक सदस्य पहले ही सब्सिडी हासिल कर चुका है तो भविष्य में परिवार का दूसरा सदस्य इस लाभ के लिए पात्र नहीं होगा।
मंत्री, सांसद और सचिव के मामले रहे चर्चा में
बागवानी सब्सिडी से जुड़े नए नियम ऐसे समय में आए हैं, जब हाल में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, भाजपा सांसद लुंबाराम और केंद्रीय सचिव नरेश पाल गंगवार से जुड़े मामले चर्चा में रहे थे। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने खीरे की खेती के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से 99 लाख रुपये की सब्सिडी हासिल की थी।





