अमेरिका में प्रवासियों के ग्रीन कार्ड आवेदन पर बढ़ेगी सख्ती, सरकारी मदद लेने वालों पर पड़ सकता है असर; 18 सितंबर से लागू होंगे नए नियम
वॉशिंगटन: अमेरिका में स्थायी नागरिकता यानी ग्रीन कार्ड पाने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ट्रंप प्रशासन ने सार्वजनिक बोझ से जुड़े नियमों का दायरा बढ़ा दिया है। नए नियम के तहत सरकारी आर्थिक सहायता लेने वाले कुछ प्रवासियों के ग्रीन कार्ड आवेदन पर सवाल उठ सकते हैं और आवेदन खारिज भी किया जा सकता है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा का यह नियम 18 सितंबर से लागू होगा। इसका असर अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और उनके परिवारों पर भी पड़ सकता है।
सरकारी मदद लेने से ग्रीन कार्ड पर कैसे पड़ेगा असर?
पहले सार्वजनिक बोझ का आकलन मुख्य रूप से दो तरह की सरकारी सहायता के आधार पर किया जाता था। नए नियम के तहत अधिकारियों को आवेदक की परिस्थितियों का व्यापक आकलन करने की गुंजाइश मिलेगी। इसमें आवेदक की उम्र, स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति, आर्थिक स्थिति और शिक्षा जैसे पहलुओं को भी देखा जा सकेगा।
इसके अलावा आवेदक पर निर्भर लोगों की ओर से ली गई कुछ सरकारी सहायता को भी ग्रीन कार्ड आवेदन पर फैसला करते समय ध्यान में रखा जा सकता है। यानी केवल आवेदक द्वारा सरकारी मदद लेने या न लेने के आधार पर ही फैसला नहीं होगा, बल्कि उसकी पूरी परिस्थितियों का आकलन किया जा सकता है।
भारतीय प्रवासियों पर कितना पड़ेगा असर?
वर्ष 2023 में 78,100 भारतीयों को अमेरिका का ग्रीन कार्ड मिला था। इनमें करीब 60 प्रतिशत भारतीयों ने परिवार के किसी सदस्य या अमेरिकी नागरिक रिश्तेदार के आधार पर ग्रीन कार्ड हासिल किया था। ऐसे परिवारों में सरकारी सहायता लेने की स्थिति नए नियमों के तहत महत्वपूर्ण हो सकती है।
अगर परिवार का कोई सदस्य सरकारी सब्सिडी का इस्तेमाल करता है तो अधिकारी आवेदक की उम्र, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए आवेदन पर फैसला कर सकते हैं।
आवेदन खारिज करने की अधिकारियों की बढ़ेगी गुंजाइश
आव्रजन मामलों के जानकारों के अनुसार नए नियमों के बाद अधिकारियों के पास ग्रीन कार्ड आवेदन पर फैसला लेने की अधिक गुंजाइश होगी। केवल यह देखना पर्याप्त नहीं होगा कि आवेदक ने सरकारी सहायता ली है या नहीं। अधिकारी यह भी आकलन कर सकते हैं कि आवेदक भविष्य में सरकार पर आर्थिक रूप से निर्भर हो सकता है या नहीं।
इससे ग्रीन कार्ड आवेदनों की जांच पहले के मुकाबले अधिक सख्त हो सकती है और आवेदक की व्यक्तिगत परिस्थितियां निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
किन लोगों को नए नियम से मिलेगी छूट?
नए नियम का असर सभी प्रवासियों पर एक जैसा नहीं होगा। शरणार्थियों, उत्पीड़न के पीड़ितों और कुछ विशेष श्रेणियों के आवेदकों को इससे छूट दी गई है। इन श्रेणियों के आवेदनों पर सार्वजनिक बोझ से जुड़े नए नियम उसी तरह लागू नहीं होंगे।
वहीं, सामान्य ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए उम्र, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियां पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
18 सितंबर से क्या बदलेगा?
नया नियम 2022 में बाइडन प्रशासन के दौरान लागू किए गए नियम को रद्द करने के बाद लाया गया है। 18 सितंबर से इसके प्रभावी होने के बाद ग्रीन कार्ड आवेदन की जांच में सरकारी सहायता के साथ आवेदक की व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को भी ज्यादा महत्व दिया जाएगा।
भारतीयों की बड़ी संख्या परिवार आधारित ग्रीन कार्ड के जरिए अमेरिका में स्थायी नागरिकता हासिल करती है। ऐसे में नए नियम लागू होने के बाद भारतीय आवेदकों और उनके परिवारों को अपनी आर्थिक और पारिवारिक स्थिति को लेकर अधिक सावधानी बरतनी पड़ सकती है।





