Heart Attack या सामान्य दर्द? सीने, जबड़े और गर्दन के इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
नई दिल्ली: हार्ट अटैक के लक्षण हमेशा तेज सीने के दर्द के रूप में ही सामने आएं, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार इसके संकेत सामान्य सीने, गर्दन या जबड़े के दर्द जैसे महसूस होते हैं, जिससे लोग इसे साधारण समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिल का हल्का दौरा भी जबड़े, गर्दन या हाथ में दर्द का कारण बन सकता है। ऐसे में शुरुआती लक्षणों की पहचान समय पर उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
हार्ट अटैक कब आता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब हृदय तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है, तब हार्ट अटैक की स्थिति बनती है। इसका कारण धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होना या उनका संकरा हो जाना हो सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, सीने में दर्द या दबाव महसूस होना हार्ट अटैक के सबसे सामान्य लक्षणों में शामिल है।
कम उम्र में भी बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले
पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि देखी गई है। पहले यह समस्या मुख्य रूप से अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब 30 से 40 वर्ष की आयु के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं। कई बार हार्ट अटैक हल्का या कम गंभीर लक्षणों के साथ भी हो सकता है।
क्या होता है स्मॉल हार्ट अटैक?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्मॉल हार्ट अटैक को चिकित्सकीय भाषा में नॉन-एसटी एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन (एनएसटीईएमआई) कहा जाता है। इसका अर्थ है कि हार्ट अटैक आया है, लेकिन हृदय को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा है और उसकी धड़कन सामान्य रूप से चल रही होती है।
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, कई मामलों में इसे साइलेंट हार्ट अटैक भी कहा जाता है। इसका पता अक्सर बाद में नियमित जांच के दौरान चलता है, जब हृदय को हुए नुकसान के संकेत सामने आते हैं।
गर्दन या जबड़े में दर्द
हार्ट अटैक का दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। कई मामलों में यह गर्दन, बाएं हाथ या जबड़े के निचले हिस्से तक फैल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह लक्षण महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक देखा गया है। इस तरह का दर्द नींद और दैनिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकता है।
लगातार थकान और चक्कर आना
जब हृदय पर्याप्त मात्रा में रक्त की आपूर्ति नहीं कर पाता, तो मस्तिष्क समेत अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसके कारण लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक ऐसी परेशानी बनी रहे तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
सांस लेने में तकलीफ
यदि सीने में असहजता के साथ बार-बार सांस फूलने की समस्या हो रही है, तो इसे सामान्य नहीं मानना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार यह फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने की स्थिति का संकेत भी हो सकता है, जो हार्ट अटैक के बाद विकसित हो सकती है। अस्थमा के मरीज कई बार इसे सांस की पुरानी समस्या समझ लेते हैं, जबकि यह हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।
जी मिचलाना भी हो सकता है संकेत
मतली या जी मिचलाना भी हार्ट अटैक का एक संभावित लक्षण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह संकेत विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और डायबिटीज के मरीजों में अधिक देखने को मिल सकता है।
सीने में दबाव या हल्की बेचैनी
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, साइलेंट हार्ट अटैक के दौरान मरीज को सीने में जकड़न, दबाव या हल्की बेचैनी महसूस हो सकती है। कई लोग इसे गैस या सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।





