सावन व्रत में इन चीजों को करें शामिल, दिनभर नहीं होगी कमजोरी, शरीर रहेगा ऊर्जावान

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नई दिल्ली: सावन का पावन महीना शुरू हो चुका है। इस बार सावन को विशेष महत्व वाला माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। कहा जाता है कि इस दौरान श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा करने पर वे प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। सावन में कई श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं, जबकि अनेक लोग पूरे महीने उपवास का पालन करते हैं।

व्रत और उपवास को धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। सही तरीके से उपवास रखने पर शरीर को डिटॉक्स होने में मदद मिलती है। हालांकि कई लोगों को इस दौरान कमजोरी, चक्कर आना और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसकी प्रमुख वजह भोजन में ऐसे पोषक तत्वों की कमी होती है, जो लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा प्रदान कर सकें। ऐसे में व्रत के दौरान सही खानपान अपनाना जरूरी माना जाता है।

उपवास से शरीर को मिल सकते हैं कई फायदे

एक न्यूट्रिशन कंसल्टेंट के अनुसार, यदि उपवास सही तरीके से रखा जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी हो सकता है। उनका कहना है कि फास्टिंग वजन घटाने और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मददगार हो सकती है। इसके अलावा सीमित मात्रा में भोजन करने से हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में भी सुधार की संभावना रहती है। उपवास के दौरान शरीर को लंबे समय तक आराम मिलने से पाचन तंत्र को डिटॉक्स प्रक्रिया शुरू करने में भी सहायता मिलती है।

फल और जड़ वाली सब्जियां करें भोजन में शामिल

व्रत के दौरान फलों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना लाभकारी माना जाता है। फल शरीर को विटामिन, मिनरल और फाइबर उपलब्ध कराते हैं, जिससे लंबे समय तक ऊर्जा बनी रहती है। इसके साथ ही शकरकंद, कद्दू, आलू, अरबी और जिमीकंद जैसी जड़ वाली सब्जियों को भी भोजन में शामिल किया जा सकता है। इनमें मौजूद मिनरल, विटामिन बी और फाइबर शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।

कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगिरा से बनी रोटी या खिचड़ी खाएं

व्रत के दौरान सामान्य तौर पर गेहूं और चावल का सेवन नहीं किया जाता। ऐसे में सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, समई का आटा और राजगिरा का आटा बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इनसे बनी रोटी या खिचड़ी का सेवन करना वड़े, पकौड़े, पूरी या हलवे की तुलना में अधिक लाभकारी माना जाता है। इनमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं।

दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन भी जरूरी

शरीर में कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए दूध और डेयरी उत्पादों को भोजन में शामिल किया जा सकता है। व्रत के दौरान दूध, दही, छाछ, पनीर और घी का संतुलित मात्रा में सेवन शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करता है।

तले हुए नहीं, उबले आलू का करें सेवन

व्रत में आलू का सेवन आम बात है, लेकिन इसे तलकर खाने की बजाय उबालकर खाना अधिक लाभकारी माना जाता है। तले हुए आलू में कैलोरी अधिक होती है, जिससे शरीर में सुस्ती महसूस हो सकती है। वहीं उबले हुए आलू अपेक्षाकृत हल्के होते हैं और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।

 

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