भुट्टे के रेशे फेंकने की गलती न करें! इनकी चाय से मिल सकते हैं कई स्वास्थ्य लाभ, जानिए बनाने का सही तरीका
नई दिल्ली: बारिश के मौसम में भुट्टा खाना कई लोगों की पसंद होता है, लेकिन इसे साफ करते समय ऊपर लगे पतले रेशों को अधिकांश लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं। जबकि भुट्टे के यही रेशे, जिन्हें कॉर्न सिल्क भी कहा जाता है, कई पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। लंबे समय से इनका उपयोग घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है। इन रेशों से बनी चाय शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में सहायक मानी जाती है।
भुट्टे के रेशों में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
भुट्टे के रेशों में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। इनमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और कई आवश्यक खनिज पाए जाते हैं। इनमें चीनी भी नहीं होती, इसलिए इसे हल्का और स्वास्थ्यवर्धक पेय माना जाता है।
सूजन कम करने में हो सकते हैं सहायक
भुट्टे के रेशों में ऐसे गुण मौजूद बताए जाते हैं, जो शरीर की हल्की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित संतुलित मात्रा में सेवन करने पर यह लाभकारी हो सकते हैं।
पेशाब से जुड़ी समस्याओं में मिल सकती है राहत
घरेलू उपायों में भुट्टे के रेशों का उपयोग पेशाब के दौरान जलन या हल्की असहजता की स्थिति में किया जाता रहा है। हालांकि यदि समस्या गंभीर हो या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
ब्लड शुगर संतुलित रखने में कर सकते हैं मदद
कुछ शोधों के अनुसार भुट्टे के रेशे रक्त में शुगर के स्तर को संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि इन्हें मधुमेह की दवाओं का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए और उपचार में किसी भी तरह का बदलाव डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
किडनी स्टोन में भी माना जाता है उपयोगी
कुछ लोग गुर्दे की पथरी या पेशाब से जुड़ी समस्याओं के दौरान भुट्टे के रेशों की चाय का सेवन करते हैं। हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है और किसी भी चिकित्सीय स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
कोशिकाओं की सुरक्षा में भी हो सकते हैं लाभदायक
भुट्टे के रेशों में ऐसे गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
भुट्टे के रेशों की चाय कैसे बनाएं?
एक मुट्ठी ताजे भुट्टे के रेशे और दो कप पानी लें। सबसे पहले रेशों को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद दो कप पानी में इन्हें दो से तीन मिनट तक उबालें। पानी को छानकर हल्का गर्म या ठंडा होने पर पिएं। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा नींबू का रस या एक चुटकी दालचीनी भी मिलाई जा सकती है।
दिन में कितनी मात्रा में पिएं?
भुट्टे के रेशों की चाय दिन में एक कप पीना पर्याप्त माना जाता है। आवश्यकता से अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
किन लोगों को नहीं करनी चाहिए इसका सेवन?
गर्भवती महिलाओं को भुट्टे के रेशों की चाय का सेवन नहीं करना चाहिए। जो लोग उच्च रक्तचाप की दवा ले रहे हैं, उन्हें इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। गुर्दे की बीमारी से पीड़ित लोगों और पेशाब बढ़ाने वाली दवा लेने वालों को भी बिना चिकित्सकीय सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।





