होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, ईरान का बड़ा दावा; 3 तेल टैंकरों को निशाना बनाकर रोका
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। बुधवार को ईरान ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी चेतावनी की अनदेखी करने वाले तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाकर रोक दिया गया। यह जानकारी ईरान के सरकारी टेलीविजन के हवाले से सामने आई है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों ने पहले जारी की गई चेतावनी का पालन नहीं किया। इसके बाद कुछ घंटे पहले कार्रवाई करते हुए उन्हें निशाना बनाकर रोक दिया गया। हालांकि, टैंकरों की पहचान या इस कार्रवाई से जुड़े अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कुछ घंटे पहले ही दी थी सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने दुनिया के विभिन्न देशों और शिपिंग कंपनियों को कड़ी चेतावनी जारी की थी। ईरान ने कहा था कि यदि किसी देश या कंपनी ने अमेरिका द्वारा जब्त की गई ईरानी संपत्तियों का इस्तेमाल किया तो उसके जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ट्रंप के फैसले के बाद आई प्रतिक्रिया
ईरान की यह चेतावनी उसके शीर्ष सैन्य कमान मुख्यालय ‘खातम अल-अंबिया’ की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले के जवाब में जारी की गई। हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि युद्ध के दौरान जिन जहाजों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें ईरान की जब्त संपत्तियों से मुआवजा दिया जाएगा।
ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने जताया कड़ा विरोध
ईरानी सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज के असुरक्षित मार्ग से गुजरने के दौरान क्षतिग्रस्त हुए जहाजों को ईरान की जब्त संपत्तियों से मुआवजा देने की घोषणा की है।
‘जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल हुआ तो नहीं मिलेगी अनुमति’
इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि अमेरिका के इस कदम के परिणामों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी जाती है। उन्होंने कहा कि सभी देशों और कंपनियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि किसी ने इस आधार पर ईरान की जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल किया तो ईरान के सशस्त्र बल ऐसे किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं देंगे।





